घटना की सूचना हेल्पलाइन नंबर 112 के माध्यम से पुलिस थाना पच्छाद को मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मचारियों की मदद से वाहन में फंसे सभी घायलों को बाहर निकाला गया और उपचार के लिए सिविल अस्पताल सराहां पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने काकू (30) पुत्र रतन सिंह निवासी गांव पारवा, तहसील कमरऊ को मृत घोषित कर दिया। हादसे में चालक शिशुपाल समेत नौ अन्य लोग घायल हुए हैं।
हादसे में घायल हुए लोगों की पहचान चालक शिशुपाल (28) निवासी टिकरा, कुलदीप सिंह (37) निवासी खललोग, अनिल कुमार (34) निवासी खनलोग, राहुल (23) निवासी खनलोग, विक्रम (21) निवासी बायला, गोलू चौहान (21) निवासी टिकरा, सार्थक चौहान (20) निवासी पैदवा, पिंकू (19) निवासी पारवा तथा राहुल (20) निवासी पारवा के रूप में हुई है।
इनमें से 7 घायलों को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन पहुंचाया गया। यहां से गंभीर रूप से घायल तीन लोगों राहुल, अनिल व राहुल को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर किया गया है। उधर, एसपी एनएस नेगी ने बताया कि हेल्पलाइन 112 के माध्यम से डूंगाघाट के पास वाहन के सड़क से नीचे गिरने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि नौ अन्य घायल हुए हैं। इस संबंध में पुलिस थाना पच्छाद में मामला दर्ज कर लिया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
-मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में कुल 7 घायल उपचार के लिए पहुंचे। इसमें से 3 गंभीर रूप से घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर किया गया है।-रेणू चौहान, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज नाहन
ओवरस्पीड व तीखे मोड़ के चलते हुआ हादसा
हादसे के बाद आरटीओ सोना चंदेल ने घटलास्थल व मेडिकल कॉलेज नाहन का दौरा किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में हादसे का कारण वाहन की ओवर स्पीड और सड़क पर तीखा मोड़ सामने आया है। हालांकि स्पष्ट कारणों का पता जांच के बाद ही हो सकेगा। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो कैंपर में पांच यात्रियों के बैठने की क्षमता है। वाहन डबल केबिन है और इसके पिछले हिस्से में सामान रखने के लिए जगह बनाई गई है। इसके बावजूद कुछ यात्री वाहन के पिछले हिस्से में बैठे हुए थे। दुर्घटनाग्रस्त वाहन की फिटनेस वैध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सफर के दौरान वाहनों में ओवरलोडिंग न करें और सुरक्षित यात्रा के लिए बसों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त निजी और सरकारी बसें चलाने की अनुमति दी जाती है, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।