पांवटा साहिब (सिरमौर)। समय सुबह 10.45 बजे। अचानक अग्निशमन केंद्र पांवटा सूरजपुर कार्यालय में टेलीफोन की घंटी बजती हैं। डरे सहमे से दूसरी तरफ से आवाज आती हैं। भूकंप की वजह से घर को क्षति पहुंची हैं। कॉलेज के समीप घर में परिवार के आधा दर्जन लोग क्षतिग्रस्त घर के भीतर फंस गए हैं। आप आकर इनकी जान बचा लीजिए।
सूचना मिलते ही होम गार्ड कंपनी कमांडर सुरेंद्र कुमार पुंडीर और जयपाल शर्मा समेत पूरी टीम वाहन से मौके पर पहुंचती हैं। काफी मशक्कत के बाद टीम 11: 25 बजे तक घर में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लेती हैं। ये दृश्य था बुधवार को राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में आपदा प्रबंधन सेल की ओर से एक मॉकड्रिल कार्यक्रम का।
विद्यार्थियों को बाढ़ से बचाव, भूकंप, आगजनी, रसायन लीकेज समेत आपदाओं से बचने की जानकारी दी। होम गार्ड कंपनी कमांडर सुरेंद्र पुंडीर और अग्निशमन विभाग से जयपाल शर्मा ने विद्यार्थियों से अपने विचार साझा किए। उन्होंने विस्तार से असामयिक आगजनी, भूस्खलन और भूकंप के बारे में विद्यार्थियों को बताया और इससे बचने के उपायों के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत करवाया। होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग से दिनेश कुमार प्लाटून कमांडर, यशपाल, ईश्वर चंद, नरेश कुमार और सहीराम सहयोगी के रूप में मौजूद रहे।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वीना राठौर ने बताया कि प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदा से बचने के लिए सतर्कता के साथ उपाय भी जरूरी है। इस तरह की मॉकड्रिल में जानकारी आपदा के समय बहुत काम आती हैं।
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन सेल के सह संयोजक प्रो. कमलेश शर्मा, डॉ. रितु पंत, डॉ. मोहन सिंह चौहान, डॉ. रीना चौहान, प्रो. सीमा त्यागी, प्रो. तनु चंदेल, प्रो. धनवंती कंडासी, प्रो. किरण, प्रो. पुष्पा यादव, प्रो. चीनू बंसल, बाहर सैनी, अपर्णा गर्ग, डॉ. जय चंद शर्मा और प्रो. सुशील तोमर उपस्थित रहे।