चार दिन से लापता हरिपुधार के गेहल गांव का अनूप, पुलिस और स्थानीय लोगों के साथ।
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हरिपुरधार (सिरमौर)। मारने वाले से बड़ा बचाने वाला होता है। यह कहावत गेहल गांव के 24 वर्षीय अनूप कुमार पर चरितार्थ हो गई है। चार दिन पहले लापता अनूप को ग्रामीणों के साथ मिलकर पुलिस ने रात करीब 11 बजे जंगल में एक गुफा से ढूंढ निकाला। जंगल में भूखे प्यासे रहने के बावजूद अनूप स्वस्थ है। अनूप 14 नवंबर की सुबह करीब आठ बजे मवेशी चराने जंगल गया था। शाम को पशु तो घर लौट आए लेकिन अनूप नहीं लौटा।
ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने उसे ढूंढने के प्रयास शुरू किए, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने भी उसी रात से तलाश शुरू कर दी। गांव के बच्चे-बूढ़े व नौजवानों ने चार दिन तक जंगल का चप्पा-चप्पा छाना। 16 नवंबर को ड्रोन कैमरे से जंगल की खाक छानी, फिर भी अनूप नहीं मिला। चौथे दिन भी ग्रामीणों व पुलिस ने जंगल में दिनभर तलाश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। 17 नवंबर की रात लोगों को जंगल में अचानक किसी के चिल्लाने व सीटी बजाने की आवाजें सुनाई दीं। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल की एक गुफा में अनूप मिल गया। अनूप के सही सलामत मिलने से परिजनों व ग्रामीणों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
सुबह अस्पताल ले जाने की बजाए परिजन अनूप को दर्जनों ग्रामीणों के साथ हनोल स्थित महासु मंदिर ले गए। उधर, डीएसपी संगड़ाह शक्ति सिंह ने अनूप के जंगल से मिलने की पुष्टि की है।