फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: खस्ताहाल सामुदायिक भवन में चल रहा मिडल स्कूल ढाब पिपली

विज्ञापन
खस्ताहाल सामुदायिक भवन जिसमें चल रहा मिडल स्कूल ढाब पिपली। संवाद
विज्ञापन
प्राथमिक स्कूल से कुर्सी और आंगनबाड़ी केंद्र से लिया था मेज
विज्ञापन


उद्योगमंत्री की पत्नी ने दान कीं कुर्सियां, मेज और टाट-पट्टी

राजपाल शर्मा

सतौन (सिरमौर)। पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सतौन के अंतर्गत आने वाला मिडल स्कूल ढाब पिपली पांच वर्षों से गांव के सामुदायिक भवन में चल रहा है। स्कूल का अपना कोई भवन नहीं है और न ही अब तक किसी प्रकार की पर्याप्त ग्रांट ही प्राप्त हुई है। इसके चलते स्कूल को सामुदायिक भवन में चलाना पड़ रहा है। खेदजनक बात यह है कि सामुदायिक भवन की स्थिति भी बेहद जर्जर है।
इस स्कूल में दुर्गम क्षेत्र ढाब पिपली गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के 15 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सामुदायिक भवन में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस खस्ताहाल भवन में कक्षाओं का एक साथ संचालन महज खानापूर्ति तक सीमित रह गया है। गौरतलब है कि जून 2021 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांटी मशवा पंचायत के दुर्गम क्षेत्र ढाब पिपली गांव की हरिजन बस्ती में मिडल स्कूल खोला था। स्कूल खोलने से पहले किसी भी प्रकार की बुनियादी व्यवस्था नहीं की गई। स्कूल शुरू होने पर कुर्सियां गांव में संचालित प्राथमिक पाठशाला से और एक मेज आंगनबाड़ी केंद्र से लाकर दी गई थी।
विज्ञापन

इस बात को अब पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी स्कूल को न तो अपना भवन मिल पाया है और न ही अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकी हैं। हाल ही में स्कूल के लिए चार कुर्सियां, एक मेज और बच्चों के बैठने के लिए टाट उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की पत्नी की ओर से दान की गई है। हालात इतने बदतर हैं कि स्कूल के रिकाॅर्ड को सुरक्षित रखने के लिए एक अलमीरा तक उपलब्ध नहीं है। गांव के एक व्यक्ति ने स्कूल को एक बक्सा दिया है, जिसमें फिलहाल रिकाॅर्ड रखा जा रहा है।
विज्ञापन

एसएमवी प्रधान प्रदीप कुमार ने कहा कि यह एक पिछड़े क्षेत्र का स्कूल है। सरकार को स्कूल भवन निर्माण के लिए शीघ्र ग्रांट उपलब्ध करवानी चाहिए। स्कूल प्रभारी धनबीर सिंह ने बताया कि स्कूल को मात्र पांच हजार रुपये की ग्रांट मिली है, जिससे अलमीरा तक खरीदना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूल की स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें