पांवटा साहिब(सिरमौर)। केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद और महासचिव कुंदन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय (वर्ष 2021-22) हाटी समिति के उद्देश्य पूर्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कोरोना वायरस की पाबंदियों के कारण प्रत्यक्ष रूप से मिलना संभव नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहाकि हमारे केंद्रीय कमेटी के नेतृत्व में कोर कमेटी की ओर से आपसी तालमेल से केंद्र और राज्य सरकार के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान और पत्राचार निरंतर किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं। उसकी विस्तृत चर्चा निकट भविष्य में आयोजित की जाने वाली ऑनलाइन बैठक में की जाएगी। इससे पूर्व सभी यूनिटों में निर्धारित कार्रवाई को अवश्य ही पूरा करने के कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि इस माह 25 अप्रैल तक अपनी तहसील यूनिट की सभी पंचायतों में 7-11 सदस्यों की पंचायत हाटी समिति का गठन करवाने को कह दिया गया है। तहसील इकाइयों में भी जो सदस्य अपनी व्यस्तता के कारण समय नहीं दे पा रहे, उनकी जगह नए सक्रिय सदस्यों को शामिल कर अपनी इकाई का पुनर्गठन कर लें। अपनी इकाई की साधारण बैठक की जानकारी केंद्रीय समिति को भी दें जिससे बैठक में केंद्रीय समिति के प्रतिनिधि भी भाग ले सकें।
बैठक में अपने क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य, सक्रिय बीडीसी सदस्य और पंचायत प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इस समय केंद्रीय समिति के अलावा छह हाटी यूनिट राजगढ़, शिलाई, पांवटा, संगड़ाह, बोगधार और चंडीगढ़ सक्रिय हैं। नाहन, हरिपुरधार, कमरऊ और रोनहाट में भी तहसील इकाइयों का गठन किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नाहन इकाई का गठन केंद्रीय समिति की कोर कमेटी करेगी। हरिपुरधार इकाई का गठन संगड़ाह इकाई करेगी। रोनहाट इकाई का गठन शिलाई इकाई और कमरऊ इकाई का गठन का जिम्मा पांवटा इकाई पर होगा।
नई इकाइयों का गठन 25 अप्रैल तक पूरा करके केंद्रीय समिति को रिपोर्ट दे दें। उन्होंने कहा कि सभी इकाइयों के गठन के बाद ऑनलाइन वेविनार/बैठक में कुछ अन्य सहयोगी संगठनों को भी शामिल किया जाएगा।
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