चिकित्सा विभाग में फार्मेसी अधिकारी राजेश ठाकुर और उनके सहयोगी यश पोजटा ने एक व्यक्ति को हार्ट अटैक के दौरान सीपीआर और आपातकालीन दवाएं देकर जान बचाने में सफलता हासिल की है। गिरिपार क्षेत्र की ग्राम पंचायत पनोग में शाम 5:00 बजे बस से उतरने के बाद व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ गया। उत्तर प्रदेश के शामली का रहने वाला बिंदा हसन 15 साल से यहां कपड़ों की फेरी लगाता है।
दिल का दौरा पड़ते ही बिंदा हसन बेहोश हो गया। बाजार में सड़क पर पड़े बिंदा हसन को लोगों ने उसके कमरे तक पहुंचाया। इसके बाद चिकित्सा विभाग पनोग को इसकी सूचना दी। ड्यूटी पर तैनात फार्मेसी अधिकारी राजेश ठाकुर अपने सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी यश पोजटा के साथ मौके पर पहुंचे। उसे तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। यह प्रक्रिया तब तक चालू रखी जब तक कि दिल के दौरे से जूझ रहे व्यक्ति को होश नहीं आ गया। इसके बाद मरीज को हार्ट अटैक में दी जाने वाली आपातकालीन दवाइयां भी प्रदान कीं।
इसके बाद मानवता की मिसाल पैदा करते हुए अपने पैसों से गाड़ी का इंतजाम करके मरीज को बड़े अस्पताल पहुंचाने का बीड़ा उठाया। घर वालों से संपर्क करके मरीज को दिल्ली के गोविंद वल्लभ भाई पंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। विशेषज्ञों की माने तो मौके पर प्राथमिक उपचार मिलने की वजह से मरीज की जान खतरे से बाहर है। फार्मेसी अधिकारी राजेश ठाकुर ने बताया कि बेहोश होने की स्थिति में दिल का दौरा पड़ने पर सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन और अन्य प्राथमिक उपचार देने पर बिंदा हसन की तरह अन्य मरीजों की जान भी बचाई जा सकती है।