प्रताप भवन नाहन स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को जानवरों की पहचान करना सिखातीं कार्यकर्ता।
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नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन के आंगनबाड़ी केंद्रों में वीरवार को भी नौनिहालों की संख्या कम रही। शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या चार से सात तक ही सीमित रही। इससे पूर्व एक दिन पहले भी आंगनबाड़ी केंद्रों में इक्का-दुक्का बच्चे ही नजर आए थे। हालांकि वीरवार को पहले दिन के मुकाबले बच्चों की उपस्थिति थोड़ी अधिक रही।
समय दोपहर ठीक 12 बजे। स्थान आंगनबाड़ी केंद्र मियां का मंदिर। इस आंगनबाड़ी केंद्र में तीन ही बच्चे पहुंचे थे। पहले दिन इन बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बबली ने अक्षर की पहचान करवाने का प्रयास किया। सहायिका शमशाद बेगम भी मौके पर मौजूद रहीं। इस बीच एक बुजुर्ग अशोक कुमार अपने पोते को केंद्र लेकर आया। उसने आंगनबाड़ी केंद्र खुलने पर खुशी जाहिर की। समय दोपहर 12.20 बजे। स्थान आंगनबाड़ी केंद्र प्रताप भवन। यहां आठ बच्चे बैठे हुए थे। इनमें से कुछ बच्चों की माताएं भी मौके पर मौजूद थीं। इन बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बसंती ने अक्षर पहचान करवाने के साथ-साथ खेलने के लिए खिलौने दिए हुए थे। समय दोपहर 12.45 बजे। स्थान आंगनबाड़ी केंद्र छोटा चौक। आंगनबाड़ी केंद्र में केवल चार ही बच्चे आए। इन बच्चों का पूरा दिन खिलौनों के साथ खेलने में बीता। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीरा जोशी और सहायिका आंगनबाड़ी केंद्र की सफाई करतीं नजर आई। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र हाथी की कब्र, रीठा का पेड़ में भी बच्चों की संख्या चार-से सात के बीच रही। यहां भी बच्चों को अक्षर की पहचान करनी सिखाई गई। गौरतलब है कि सरकार ने कोरोना काल में आंगनबाड़ी केंद्र तो खोल दिए थे, लेकिन बच्चों के आने पर पाबंदी लगा रखी थी। एक मार्च से सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए भी खोल दिया। एक मार्च को शिवरात्रि पर्व का अवकाश होने के कारण आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। दो मार्च को आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन वितरण का कार्य चला। वीरवार को बुधवार की अपेक्षा अधिक बच्चे मौजूद रहे। आने वाले दिनों में आंगनबाड़ी केंद्रों बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है।