-नाहन में मेगा जागरूकता शिविर का आयोजन
-बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर और विधायक अजय सोलंकी ने श्रमिकों को बताईं कल्याणकारी योजनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। निर्माण श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सोमवार को नाहन के एसएफडीए हॉल में मेगा जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से आयोजित शिविर में पात्र लाभार्थियों को इंडक्शन हीटर वितरित किए गए, जबकि नए पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को लेबर कार्ड सौंपे गए। शिविर के माध्यम से श्रमिकों को बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनके अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर और नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने श्रमिकों और लाभार्थियों को संबोधित करते हुए पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा वित्तीय सहायता से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर का नाहन विधानसभा क्षेत्र इन योजनाओं का लाभ लेने में प्रदेशभर में पहले स्थान पर है। बोर्ड की तरफ से कामगारों के लिए 14 योजनाएं चलाई गई हैं। इसको धरातल तक पहुंचाने में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में बोर्ड भरसक प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह हर जिले में जाकर पात्र लोगों को इन योजनाओं की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि उनसे पहले की सरकार इस योजना के तहत चहेतों और अपात्र लोगों को लाभ पहुंचा रही थी लेकिन जैसे ही कांग्रेस सरकार आई मुख्यमंत्री ने इस विभाग को न केवल जगाया बल्कि जरूरतमंद और पात्र लोगों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए हर जिला में अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कल्याण बोर्ड का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र से जुड़े अंतिम व्यक्ति तक सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा पहुंचाना है। श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना और उन्हें पात्रतानुसार लाभ दिलाना इस तरह के शिविरों का प्रमुख उद्देश्य है।
शिविर में नए पंजीकृत श्रमिकों को लेबर कार्ड प्रदान किए गए, जिससे वे बोर्ड की पात्रता शर्तों के अनुसार विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। कार्यक्रम में नाहन क्षेत्र के बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।