15 दिवसीय शिविर में 757 पुरुष, 518 महिलाएं और 344 बच्चे हुए लाभान्वित
शिविर में योग से लेकर पंचकर्म तक की सुविधाएं उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। जिला सिरमौर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ महामाया माता बालासुंदरी मंदिर, त्रिलोकपुर में आयोजित शारदीय नवरात्र मेले के दौरान आयुष चिकित्सा शिविर श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी साबित हुआ। 15 दिवसीय शिविर में कुल 1619 लोगों ने उपचार और विभिन्न आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया। इनमें 757 पुरुष, 518 महिलाएं और 344 बच्चे शामिल रहे।
शिविर में औषधीय उपचार के साथ योग, मर्म चिकित्सा, कपिंग थेरेपी और पंचकर्म जैसी चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई गईं। इससे माता के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा के दौरान ही उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर मिला।
आयुष विभाग की मेला शिविर प्रभारी डॉ. अदिति शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी शारदीय नवरात्र मेले के उपलक्ष्य में 11 से 26 अक्तूबर तक आयुष चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविर के माध्यम से आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।
उन्होंने बताया कि सामान्य औषधीय उपचार के अतिरिक्त आयुष चिकित्सा की विभिन्न पद्धतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने और उन्हें इन सेवाओं का लाभ उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दिया गया। श्रद्धालुओं ने योगाभ्यास के साथ मर्म चिकित्सा, कपिंग थेरेपी और पंचकर्म जैसी उपचार पद्धतियों का भी लाभ उठाया।
डॉ. अदिति शर्मा ने बताया कि जिला आयुष अधिकारी डॉ. जसप्रीत कौर के दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन में शिविर का संचालन किया गया। शिविर के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में विभागीय कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. सपना, फार्मासिस्ट बलविंद्र कौर, बिमला और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रत्ना राम सहित अन्य कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं दीं।
त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर में नवरात्र मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मेले के दौरान आयोजित आयुष चिकित्सा शिविर ने श्रद्धालुओं को उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करवाने में अहम भूमिका निभाई। शिविर में 1619 लोगों का उपचार किया जाना आयुष विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई गई स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख आंकड़ा रहा।