ग्राउंड रिपोर्ट -
-कालाअंब से पांवटा साहिब तक सड़क खस्ताहाल धूल-मिट्टी से दुकानदार परेशान, हादसों का भी खतरा
स्थानीय लोगों की मांग, फोरलेन बनने तक मौजूदा सड़क की मरम्मत करे विभाग
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। कालाअंब से पांवटा साहिब तक नेशनल हाईवे-07 को फोरलेन बनाने की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन मौजूदा सड़क की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। रखरखाव न होने के कारण हाईवे पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि सड़क किनारे कारोबार करने वाले लोग धूल-मिट्टी और शोर से परेशान हैं।
शक्तिनगर-दोसड़का से खजूरना पुल तक सड़क की हालत ज्यादा खराब है। इसके अलावा बोहलियों, शंभूवाला, सैनवाला, मोगीनंद, कटासन और धौलाकुआं सहित पांवटा साहिब तक कई जगह सड़क खस्ताहाल है। गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालकों को अचानक दूसरी लेन में जाना पड़ता है, जिससे तीखे मोड़ों पर हादसों का खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग पर हाल के समय में कई हादसे हो चुके हैं और खनन सामग्री से लदे ट्रालों के पलटने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों को लेकर जिला दंडाधिकारी की ओर से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर दबाव बढ़ने और इसकी हालत बिगड़ने की शिकायतें हैं।
बरसात के बाद सड़क पर जमा मिट्टी और वाहनों की आवाजाही से उड़ती धूल ने आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि हाईवे के साथ उनका व्यापारिक संस्थान है। धूल-मिट्टी के कारण उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि फोरलेन निर्माण जल्द शुरू किया जाए और तब तक मौजूदा सड़क की मरम्मत करवाई जाए।
स्थानीय निवासी महंत राम ने कहा कि गड्ढों के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी होती है तथा हादसों का खतरा बना रहता है। खस्ताहाल सड़क से बीमार मरीजों को मेडिकल कॉलेज नाहन या पीजीआई चंडीगढ़ ले जाने में भी अतिरिक्त समय लग सकता है। उन्होंने जल्द मरम्मत की मांग उठाई।
नाहन निवासी कपिल गर्ग ने कहा कि यह हाईवे सिरमौर को देहरादून-हरिद्वार के साथ हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से जोड़ता है। ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने तक भी रखरखाव जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित विभाग से सड़क की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की।
स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि फोरलेन बनने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक गड्ढों की मरम्मत और सड़क की देखरेख कर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उधर, नेशनल हाईवे विंग के अनुसार अब यह सड़क फोरलेन बनाई जानी है, ऐसे में इसका प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से होना है।-
नेशनल हाइवे चंडीगढ़-देहरादून की बदहाली बया करती तस्वीरें। संवाद