रेणुकाजी में खतरे का कारण बन रहे वृक्ष को काटते कर्मचारी। संवाद
वन्य प्राणी विभाग ने कटवाया खतरनाक हो चुका वृक्ष
बस चालकों और यात्रियों को इसके कटने से मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर) रेणुकाजी तीर्थ में हादसों का कारण बन रहे खतरनाक वृक्ष को कटवा दिया गया है। इसे कटवाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। वन्य प्राणी विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद इसकी स्वीकृति लेकर सोमवार को उसे जड़ सहित कटवा दिया।
रेणुकाजी तीर्थ में ददाहू-चांदनी मार्ग पर टूरिज्म होटल के समीप काबड़ (पीपल प्रजाति) के इस वृक्ष से बसें और दूसरे बड़े वाहन टकराकर गुजर रहे थे। बसों के ऊपर रखे लोगों के सामान को भी नुकसान पहुंच रहा था। अर्से पहले बस की छत पर सफर कर रहे एक यात्री की भी वृक्ष से टकराने से मौके पर ही मौत हो गई थी। सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण वृक्ष कटवाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा था।
23 दिसंबर, 2025 को तहसीलदार ददाहू जयसिंह ठाकुर की अध्यक्षता में खालाक्यार पंचायत में आयोजित हुए प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उस वृक्ष को कटवाने की मांग की थी। तहसीलदार ने मौके पर ही वन व वन्य प्राणी दोनों विभागों के अधिकारियों को इस मामले में कार्यवाही करने के निर्देश दिए और लोगों से मिली शिकायत की जानकारी उच्चाधिकारियों से साझा की थी। इसके बाद वृक्ष काटने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सका।
वन्य प्राणी विभाग के आरएफओ राकेश कुमार ने बताया कि काबड़ का वृक्ष काटने की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी होते ही ठेकेदार की ओर से इसे कटवाया जा रहा है। काटे गए वृक्ष की लकड़ी को फिलहाल सुरक्षित रखा गया है।
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