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Sirmour News: अदालत

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टेंट मालिक से सामान लेना पड़ा महंगा
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अब भुगतना होगा 1 साल का कारावास
- सत्र न्यायालय ने दोषी की अपील की खारिज, 11 अगस्त 2025 को ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया

- साल 2017 को दोषी ने क्रॉकरी, गैस चूल्हे, मेजें, बर्तन किराए पर लिए थे, कोर्ट ने 5 लाख का जुर्माना भी लगाया

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। जिला शिमला के तहसील कोटखाई के रहने वाले एक व्यक्ति को समारोह के लिए कारोबारी से सामान लेना महंगा पड़ा। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में दोषी प्रदीप की अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट की सुनाई गई सजा को भुगतने का आदेश दिया है। न्यायाधीश गौरव महाजन ने निचली अदालत की सजा को सही ठहराते हुए दोषसिद्धि बरकरार रखी।
यह मामला नवंबर 2017 को नाहन का है। लाइट टेंट हाउस के मालिक शिकायतकर्ता राहुल के अनुसार आरोपी प्रदीप ने क्रॉकरी, गैस चूल्हे, मेजें, बर्तन आदि किराए पर लिए थे। आरोपी ने आश्वासन दिया था कि वह उक्त सामान कुछ दिनों के भीतर लौटा देगा। हालांकि, आरोपी सामान लौटाने में विफल रहा। दिसंबर 2017 के पहले सप्ताह में आरोपी ने उक्त सामान की कीमत के तौर पर 4 लाख रुपये की राशि का एक पोस्ट-डेटेड चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन तय समय में भुगतान नहीं किया गया।
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11 अगस्त 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को एनआई एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ प्रदीप ने सत्र अदालत में अपील दायर की थी। दलील दी कि ट्रायल कोर्ट का फैसला अनुमानों और अटकलों पर आधारित है। हालांकि, अपर सत्र न्यायाधीश ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए माना कि चेक कानूनी देनदारी के निर्वहन के लिए दिया गया था। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला कानूनी और तथ्यात्मक रूप से सही है। इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
संवाद
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