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Sirmour News: चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर खतरा, जनवादी संगठनों ने राष्ट्रपति को भेजा मांग पत्र

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नाहन में डीसी को ज्ञापन देने पहुंचे जनवादी संगठनों से जुड़े पदाधिकारी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। देश में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के विभिन्न जनवादी संगठनों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की है। इन संगठनों ने संयुक्त रूप से एक मांग पत्र भारत सरकार और राष्ट्रपति को भेजा है। संगठनों का आरोप है कि वर्तमान में चुनाव आयोग की स्वायत्तता को समाप्त कर इसे सरकार की कठपुतली बनाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए एक बेहद गंभीर खतरा है।
इस मांग को लेकर जनवादी संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में उपायुक्त सिरमौर से मिला और राष्ट्रपति के नाम चार सूत्री मांगपत्र सौंपा।
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मांग पत्र में कहा गया है कि लोकतंत्र के भीतर जनता ही सरकार चुनती है। नागरिकों को उनके इस बुनियादी अधिकार से वंचित करना एक बड़ा अन्याय है। वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में गहरे संशय पैदा हो रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को बहाल करना बेहद जरूरी हो गया है।
मांगपत्र के माध्यम से एसआईआर अधिनियम को निरस्त करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के कानून को निरस्त कर चुनाव आयोग की स्वायत्तता सुनिश्चित करने और देश में व्यापक स्तर पर चुनाव सुधार लागू करने की जरूरत जताई गई है, जिससे चुनावों में धन और ताकत के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।
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प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और सचिव धनीराम वर्मा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनके अलावा जनवादी महिला समिति जिला सिरमौर की जिला सचिव अमिता चौहान, कोषाध्यक्ष आशा शर्मा, किसान सभा जिला सिरमौर के उपाध्यक्ष सतपाल मान, वित्त सचिव राम सिंह वालिया, सीटू जिला सिरमौर के महासचिव आशीष कुमार और सचिव रेशमा गौतम समेत कई कार्यकर्ताओं ने अपने हस्ताक्षर कर इस मांग का पुरजोर समर्थन किया है।
-संवाद-
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