संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पंचायत चुनाव परिणाम के बाद हुए विवाद और एससी/एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मामले में विशेष अदालत ने तीन आरोपियों को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि केवल आशंकाओं के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह मामला 29 मई 2026 को शिलाई थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पंचायत चुनाव परिणाम को लेकर हुए विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। वहीं, आरोपी बीर सिंह, पवन ठाकुर और संजय ठाकुर ने अदालत में कहा कि उन्हें राजनीतिक रंजिश और पंचायत चुनाव की प्रतिद्वंद्विता के चलते झूठा फंसाया गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से राजनीतिक विवाद है। अदालत ने यह भी माना कि घटना से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच अभी जारी है और आरोपियों की हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है। हालांकि अदालत ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हैं या गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।