ग्राउंड रिपोर्ट
-वार्ड-11 की शांति कॉलोनी में डेढ़ दशक से जलभराव की समस्या, वार्ड-2, 3, 8 और 13 में भी बिगड़े हालात
-नालियों की सफाई के दावों के बावजूद नहीं मिला स्थायी समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बारिश की बूंदें गिरते ही पांवटा साहिब शहर की कई कॉलोनियों में लोगों की परेशानी शुरू हो जाती है। कहीं गलियां तालाब बन जाती हैं तो कहीं सड़कें पानी में डूब जाती हैं। मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद वार्ड नंबर-11 की शांति कॉलोनी में हालात ऐसे बने कि लोगों के लिए गलियों से पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या एक-दो साल पुरानी नहीं, बल्कि करीब डेढ़ दशक से चली आ रही है। हर बरसात में जलभराव होता है, शिकायतें होती हैं और समाधान के आश्वासन भी मिलते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया।
शांति कॉलोनी के बबलू गुप्ता, हरप्रीत शाही, एमआर चौहान, हर्ष बतरा, शांति, विमला और रमन ने बताया कि कॉलोनी में बेहतर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी गलियों में जमा हो जाता है। मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद कई गलियां पानी से लबालब हो गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। सबसे अधिक परेशानी छोटे स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय समस्या के समाधान के वादे किए जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही पुरानी समस्या फिर सामने खड़ी हो जाती है।
जलभराव की समस्या केवल शांति कॉलोनी तक सीमित नहीं है। एनएच-07 पर भूपपुर क्षेत्र, एनएच-707 पर तारुवाला से बद्रीपुर चौक तक तथा वार्ड-3, वार्ड-8 और वार्ड-13 की कई गलियों में भी बारिश के बाद पानी जमा होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बद्रीपुर के अतर सिंह, मदन सिंह, रामगोपाल, सुनील तोमर, अमरजीत सिंह और अजय शर्मा ने बताया कि भूपपुर में पिछले सप्ताह जलभराव से परेशान लोगों ने आंशिक जाम तक लगाया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
वार्ड-13 की बैंक कॉलोनी और शिवा कॉलोनी के अलावा वार्ड-3 की आदर्श कॉलोनी तथा वार्ड-8 की कुछ गलियों में भी तेज बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विस्तार के साथ जल निकासी की समस्या भी बढ़ती गई, लेकिन उसके अनुरूप नालियों और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर हर बरसात में जलभराव से जूझने के बाद कब तक सफाई और अस्थायी इंतजामों से काम चलेगा? लोगों को अब नालियों की सफाई नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी जल निकासी व्यवस्था चाहिए, जिससे बारिश उनके लिए हर बार मुसीबत न बने।
नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में जल निकासी नालियों की सफाई करवाई जा रही है। कुछ जलभराव वाले स्थानों पर स्थिति में सुधार भी हुआ है। मंगलवार को भी कुछ स्थानों से जलभराव की सूचना मिली है। समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
नगर परिषद पांवटा साहिब के वार्ड 11 शांति कॉलोनी में जलभराव होने पर छात्रा किसी तरह निकलती हुई।