आईआईएम सिरमौर के दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि के साथ उपाधि धारक और प्रबंधन स्टाफ।
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भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) सिरमौर का 10वां दीक्षांत समारोह रविवार को धौलाकुआं स्थित स्थायी परिसर में हुआ। कार्यक्रम में टाटा ट्रस्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम ने समारोह की अध्यक्षता की। इस दौरान अभिभावकों और संकाय सदस्यों की मौजूदगी में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस वर्ष 340 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रबंधन कार्यक्रमों में उपाधि प्राप्त की। इनमें 215 एमबीए, 49 एमबीए (टूरिज्म मैनेजमेंट), 17 एमबीए (टूरिज्म, ट्रैवल एंड हॉस्पिटेलिटी), 31 एग्जीक्यूटिव एमबीए, 18 एग्जीक्यूटिव एमबीए (डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड एनालिटिक्स), 8 पीजीपीएक्स-एलएसएम और 2 पीएचडी शोधार्थी शामिल रहे।
एमबीए कार्यक्रम में केशव जसवाल ने प्रथम स्थान हासिल कर चेयरमैन गोल्ड मेडल प्राप्त किया, जबकि यश मुनोट को द्वितीय स्थान के लिए डायरेक्टर गोल्ड मेडल और सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए भी सम्मानित किया गया। गोविंद गर्ग को वित्त और प्रथम केडिया को मार्केटिंग में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए गोल्ड मेडल मिला। एग्जीक्यूटिव एमबीए में कुणाल गुप्ता को चेयरमैन गोल्ड मेडल और एग्जीक्यूटिव एमबीए (डीटीए) में गुंजन कपूर को डायरेक्टर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। एमबीए (टूरिज्म मैनेजमेंट) में एक्कुस बीर सिंह आहूजा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि सिद्धार्थ शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवसर शैक्षणिक जीवन से व्यावसायिक दुनिया में प्रवेश का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने युवाओं को उद्देश्य, विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
संस्थान के निर्देश डॉ. प्रफुल्ल वाई अग्निहोत्री ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान 400 से अधिक कंपनियों ने संस्थान से जुड़ाव किया। अंतिम प्लेसमेंट में करीब 220 कंपनियों ने भाग लिया और 250 से अधिक ऑफर दिए। औसत सीटीसी 15.9 लाख रुपये और उच्चतम सीटीसी 30 लाख रुपये प्रति वर्ष दर्ज किया गया। एमजी मोटर्स, डाबर, ईवाई, टेक महिंद्रा, ताज होटल्स और अमूल प्रमुख भर्ती करने वाली कंपनियों में शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि संस्थान ने शैक्षणिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लर्निंग रिसोर्स सेंटर (पुस्तकालय) में 3.5 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।