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होली मेला की अंतिम सांस्कृतिक संध्या दिलप्रीत ढिल्लों के नाम रही

Sun, 27 Mar 2016 07:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
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 होली मेला की अंतिम सांस्कृतिक संध्या पंजाबी कलाकार दिलप्रीत ढिल्लों के नाम रही। पंजाबी कलाकार ने दिलचस्प गीतों से देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम को भी युवाओं को नियंत्रित करने में खासी मेहनत करनी पड़ी। पांवटा विस क्षेत्र के विधायक चौधरी किरनेश जंग ने दूसरी सांस्कृतिक संध्या का दीप जला कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मंच संचालन जीवन जोशी ने किया।
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पंजाबी कलाकार दिलप्रीत ढिल्लों ने मंच पर आते ही ‘जट दी पसंद जट ने वमोनीआ’ गीत से शुरुआत की। इसके बाद ‘गुड़ नाल इश्क मीठा’, ‘कालजा मेरा टूट जावें’, ‘गोरा रंग ते अंख मस्तानी’, कारतूस, ढिल्लों दा मुंडा, मच, कजरा मोहब्बत वाला, गुडे, धार वाला प्यार, तारे गिण गिण, इश्क तड़फाए, गड्डे ते न चड़दी, मैं तां मुखड़ा देख कर व सानू तड़फाया गीतों से खूब समां बांधा।

 पंजाबी गीतों की धूम पर मुख्य अतिथि विधायक किरनेश जंग, विशिष्ट अतिथि एसीटूडीसी टाशू सांडूप व एसडीएम पांवटा एचएस राणा भी झूमने पर मजबूर हो गए। पंजाबी सांस्कृतिक संध्या में युवाओं का खूूब हुजूम उमड़ा। पंडाल में थिरकते युवाओं को नियंत्रित करने में एसएचओ लायक राम सिसौदिया की टीम के खूब पसीने छूटे।
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इससे पहले अशोक बहुता ने ‘अपनी धुन में रहता हूं’ तथा ‘रब करे में मर जावां’ गजल से समां बांधा। स्थानीय उभरते युवा कलाकार दीपक चौहान ‘तेरी दिवानी में तेरी’, जुगनी, कजरा मोहब्बत वाला गीत से युवाओं को नचाया। शिलाई के जगदीश शर्मा ने राम कहानी सुनो, कुल्लू मनाली लागा मेला, ऊबा कोरे बागने खे शुजा व टैंशन नहीं लेने का गीत से तालियां बटोरी। रीना ठाकुर ने ओ मंगला रे, झूठा किया वायदा आपी नी आया तथा इना छोरुवां नूं लियो समझाई समेत एक से बढ़कर एक हिमाचली गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। लोक कलाकारों सुरजन ठाकुर ने री छोटिए व गिरिओ रु पाणी रे गीत प्रस्तुत किया। इससे पहले मनोज शर्मा समेत, हैरी म्यूजिक, कविता, रीमा, जेपी शर्मा व किशन म्यूजिक टीमों ने प्रस्तुति दी।
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