ददाहू (सिरमौर)। महत्वाकांक्षी रेणुका बांध परियोजना का भविष्य हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट पर टिका हुआ है। कमेटी के फाइनल रिपोर्ट के बाद ही बांध निर्माण को लेकर एनजीटी हरी झंडी देगा। सोमवार को हाई पावर कमेटी रेणुका बांध के दौरे पर आ रही है। लिहाजा बांध प्रबंधन ने इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। आठ सदस्यों वाली हाई पावर कमेटी एनजीटी को अपनी फाइनल रिपोर्ट देगी। इस कमेटी की रिपोर्ट पर ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) अपना फैसला सुनाएगा।
केंद्रीय हाई पावर कमेटी में केंद्र सरकार के साथ-साथ दिल्ली और हिमाचल राज्यों के उच्चाधिकारी भी शामिल हैं। सोमवार को ददाहू में संयुक्त रूप से अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में बांध निर्माण की बारीकियों की जानकारी लेने के बाद मंगलवार सुबह कमेटी बांध स्थल का दौरा करके तमाम पहलुओं का निरीक्षण करेंगी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जून माह के पहले सप्ताह में एनजीटी को सौंपने का लक्ष्य रखा है।
कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल रेणुका बांध के निर्माण पर अपना अगला फैसला सुनाएगी। 21-22 फरवरी को एनजीटी ने रेणुका बांध के पक्ष में अपना निर्णय लेते हुए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया था। इसमें केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग, आईपीएच विभाग सहित दिल्ली व हिमाचल राज्यों के कई बड़े अधिकारियों की 8 सदस्य कमेटी का गठन किया था। इसमें हिमाचल प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य अरण्यपाल(पीसीसीएफ) को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त करते हुए 4 माह में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे।
रेणुका बांध प्रबंधन ने कमेटी के समक्ष बेहतर प्रेजेंटेशन देने की पूरी तैयारी कर रखी है। अब बांध निर्माण का अंतिम फैसला एनजीटी की रिपोर्ट पर ही टिका हुआ है। रेणुका बांध परियोजना महाप्रबंधक वाईके धीर ने टीम के रेणुका आने की पुष्टि की है।