तिरछी शिला पर दूध चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने की प्रार्थना
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद उपमंडल के आराध्य देव भूर्शिंग महादेव का ग्यास पर्व पर आयोजित मेला शनिवार को संपन्न हो गया। इस दौरान देवस्थली पजेली से कथाड़ क्वागधार मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाकर खुशहाली की कामना की।
दरअसल, हर वर्ष दीपावली के बाद ग्यास को यहां देव उत्सव मनाया जाता है। हजारों श्रद्धालु कच्चा दूध चढ़ाकर अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने दूर-दूर से पहुंचते हैं। शनिवार को पंडित डॉ. मनोज शर्मा ने दूध की आखिरी धार मंदिर परिसर में स्थित तिरछी चट्टान पर चढ़ाई। दिनभर श्रद्धालुओं ने भी दूध चढ़ाकर सुख शांति की कामना की।
ग्यास को होने वाला देव उत्सव अपने आप में गहरा इतिहास समेटे हुए है। विशेषता यह है कि देवता पालकी में नहीं चलते, बल्कि सीधे देवशक्ति पुजारी में प्रवेश करती है ओर वह अपने पारंपरिक शृंगार से सुसज्जित होकर साक्षात देवता रूप में पैदल मंदिर पहुंचते हैं। यह देवयात्रा अढ़ाई किलोमीटर यानी एक कोस चढ़ाई का सफर कर मंदिर (मोड़) में पूरी होती है।