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Sirmour News: बारिश-बर्फबारी न होने से लहसुन की फसल प्रभावित

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पच्छाद क्षेत्र बारिश न होने से सूखी पड़ी लहसुन की फसल। संवाद
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मौसम की बेरुखी ने बढ़ाई सिरमौर जिले के किसानों की चिंता
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90 से 135 रुपये प्रति किलोग्राम खरीदा है लहसुन का बीज

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में मुख्य नकदी फसल लहसुन पर मौसम की बेरुखी की मार पड़ रही है। तीन महीने से बारिश नहीं हुई है। जिले में 10 से 20 फीसदी लहसुन की फसल सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने के कारण प्रभावित हो चुकी है। हालांकि कृषि विभाग अभी इसे 8 से 10 प्रतिशत तक मान रहा है, लेकिन किसानों और किसान संगठनों के अनुसार 20 फीसदी लहसुन की फसल प्रभावित हुई है।

दरअसल, जिले के सैनधार, धारटीधार, गिरिपार, राजगढ़ और पच्छाद क्षेत्र में लहसुन की फसल अधिक मात्रा में उगाई जा रही है। इनमें कुछ जगह तो सिंचाई की सुविधा है, लेकिन अधिकांश किसान बारिश पर निर्भर हैं। तीन महीनों से जिले में बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है। ऐसे में अब किसानों की चिंताएं बढ़नी शुरू हो गई है। किसानों ने इस मर्तबा 90 से 135 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बीज खरीदा है। अब यदि सूखे के चलते फसल खराब हो गई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में इस बार करीब 4050 हेक्टेयर भूमि पर 60 हजार मीट्रिक टन लहसुन का उगाने का लक्ष्य रखा गया है। बारिश न होने के कारण अब तक 20 फीसदी के करीब लहसुन की फसल प्रभावित हो चुकी है। किसान राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने 110 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से लहसुन का बीज खरीद कर लगाया है। बारिश न होने के कारण लहसुन ग्रोथ नहीं पकड़ पा रहा है।

संजीव, बलिंद्र सिंह, कमलेश कुमार ने बताया कि सूखे से उनकी लहसुन की फसल प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अन्य फसलों की तर्ज पर लहसुन के लिए भी सरकार समर्थन मूल्य निर्धारित करें। साथ ही किसानों को मुआवजा प्रदान करें।

कृषि उपनिदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि बारिश न होने से लहसुन समेत गेहूं व अन्य फसलें प्रभावित हो रहीं हैं। यदि कुछ और दिन बारिश और बर्फबारी नहीं होती है तो यह आंकड़ा बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।



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पच्छाद में फसलों पर सूखे की मार, किसानों की चिंता बढ़ी

सराहां। पच्छाद क्षेत्र में बारिश न होने से तोड़िया, मटर, गेहूं और लहसुन की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। कई जगह अभी तक गेहूं की बिजाई नहीं हो पाई है। जहां पर बिजाई पहले की गई, पानी न मिलने के कारण वह पनप नहीं रही है। इसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है।

किसान नागेंद्र सिंह, राहुल शर्मा, भूप सिंह, कमल शर्मा, राजेश कुमार, कमलेश कुमार,रणधीर सिंह व राम सिंह ने बताया कि बारिश न होने के चलते उनकी फसलों पर सूखे की मार पड़ रही हैं। अधिकतर किसान सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं। आजीविका का साधन खेतीबाड़ी है। ऐसे में यदि जल्द बारिश नहीं होती है तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
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कृषि विभाग पच्छाद के विषयवाद विशेषज्ञ एचएल आजाद ने बताया कि बारिश न होने किसानों की फसलें खराब होने की सूचनाएं मिल रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है।

संवाद

पच्छाद क्षेत्र बारिश न होने से सूखी पड़ी लहसुन की फसल। संवाद

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