पांवटा साहिब/पुरुवाला (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर नावघाट में बनने वाले पुल से सिरमौर की 14 पंचायतों के लोगों को लाभ मिलेगा। इसके निर्माण से जहां क्षेत्र के किसानों और बागवानों को अपनी नकदी फसलें उत्तराखंड के विकासनगर पहुंचाने में मदद मिलेगी वहीं सिरमौर से विकासनगर का सफर भी 15 किलोमीटर घट जाएगा।
सोमवार को विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने 43 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल का भूमि पूजन किया। अभी तक गिरिपार क्षेत्र के लोगों को घूमकर उत्तराखंड की यात्रा तय करनी पड़ती आ रही है। इसमें पांवटा विस क्षेत्र की गिरिपार क्षेत्र आंजभोज की पंचायतों शिवा रुदाणा, बनौर, नघेता, डांडा, खोदरी माजरी, किल्लौड़, भढाणा, अंबोया, राजपुर और भंगानी, मानपुर देवड़ा, डोबरी सालवाला और डांडा आंज पंचायतें शामिल हैं।
इन पंचायत क्षेत्रों के लोग अकसर साथ लगते उत्तराखंड के विकासनगर में खरीदारी के लिए पहुंचते हैं लेकिन इसके लिए लंबी दूरी वाला रूट तय करना पड़ता है। आंजभोज क्षेत्र निवासी जय प्रकाश शर्मा, यश अग्रवाल, संजीव गोयल, अखिल शर्मा, अतर सिंह, रंजीत सिंह, शुपाराम ठाकुर और प्रताप सिंह पुंडीर का कहना है कि गिरिपार के राजपुर से बाया खोड़ोवाला से डाकपत्थर मार्ग से विकासनगर करीब 29 किमी और राजपुर से वाया पांवटा साहिब घूम कर वाहन से करीब 42 किमी सफर तय करना पड़ता है।
पांवटा से सिंघपुरा क्षेत्र तक बीच में यमुना नदी पर कोई पुल नहीं है। अब, भीमवाला नावघाट पर प्रस्तावित पुल बन जाने से कम से कम 15 किमी दूरी कम होगी। क्षेत्र के लोगों को अपनी नकदी फसलों अदरक, टमाटर, मटर, हल्दी, लहसुन समेत अन्य कृषि उत्पादनों को पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की विकासनगर मंडी में पहुंचाने में समय बचेगा व वाहनों से ढुलाई में मालभाड़ा कम होने से अब आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
...........
दशकों की मांग होगी पूरी: मुन्ना सिंह
दो राज्यों को सीमा पर दशकों से जनता की परेशानी का सबब बने छरबा स्थित शीतला नदी और भीमावाला के नावघाट में यमुना नदी पर पुल जल्द पुल तैयार होगा। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि नावघाट पर पुल बनने से हिमाचल के गिरिपार इलाके को पछवादून और जौनसार-बाबर के मुख्य बाजार विकासनगर से जुड़ जाएगा। सरकार ने नावघाट में 540 मीटर लंबे मोटर पुल के निर्माण को 43 करोड़ मंजूर किए हैं।