देवताओं को व्यक्तिगत रूप से न्यौता देने पहुंचे अधिकारी
चांदी के सिंहासन पर 11 नंवबर को पदार्पण करेंगे देवता
योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय रेणुकाजी मेले में चार देवता अपनी हाजिरी भरेंगे। जिसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से मेले में शिरकत करने वाले देवताओं को व्यक्तिगत न्यौता (न्यौंग) भेजा गया। वीरवार को प्रशासनिक अधिकारी मेले में अपनी हाजिरी भरने वाले चारों देवताओं को निमंत्रण देने उनके देवस्थलों की ओर रवाना हुए।
परंपरा के अनुसार आस-पास के इलाकों से चार देवता ही अपनी हाजिरी भरने रेणुकाजी आते हैं। जिनको प्रशासन की ओर से व्यक्तिगत तौर बुलावा भेजा जाता है। स्थानीय भाषा में इस परंपरा को न्यौंग (न्यौता) देना कहा जाता है। मान्यता है कि बिना निमंत्रण के देवता मेले में हाजिरी नहीं भरते।
परंपरा के अनुरूप भगवान परशुराम के प्राचीन व प्रसिद्ध जामू मंदिर के लिए तहसीलदार ददाहू जयसिंह ठाकुर व अधीक्षक गौरव पाठक सहित अन्य कर्मचारी वीरवार को देवता की भेंट लेकर जामूकोटी मंदिर पहुंचे। जबकि सैनधार क्षेत्र के कटाहा मंदिर के लिए नायब तहसीलदार ददाहू मोहन भरमाईक, कार्यवाहक कानूनगो राम सिहं व पटवारी राममूर्ति को देवताओं को निमंत्रण देने भेजा गया।
वहीं महासू देवता मंदिर के तहसीलदार कमरऊ व कानूनगो को निमंत्रण का जिम्मा सौंपा गया। जबकि मंडलाह स्थित परशुराम मंदिर के लिए तहसीलदार नाहन उपेंद्र कुमार व कानूनगो को भेंट सहित देवताओं को निमंत्रण देने भेजा गया है। प्रशासनिक अधिकारी इन मंदिरों व देव स्थलों में जाकर देवताओं को भेंट के साथ निमंत्रण प्रदान करके रेणुका मेले में आने का व्यक्तिगत न्यौता देकर लौटेंगे। यह चारों देवता 11 नवंबर की सुबह ददाहू में पदार्पण करेंगे।
रेणुकाजी विकास बोर्ड की ओर से अधिकारियों को चावल, गुड़ की भेली, नारियल, शुद्ध घी व मिठाई सहित देवताओं की भेंट उनके चरणों में अर्पित करने भेजा गया है। साथ ही एक बोर्ड की ओर से एक लिखित निमंत्रण पत्र भी देवताओं को सौंपा जाता है। जिसके बाद ही यह देवता चांदी की पालकियों (सिंहासन) पर सवार होकर रेणुका मेले में अपनी हाजिरी दर्ज करेंगे।
रेणुका विकास बोर्ड के सदस्य सचिव एवं एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने देवताओं को व्यक्तिगत बुलावा (निमंत्रण) भेजे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि को यह चारों देवता मेले में अपनी हाजिरी भरेंगे। जिसके साथ ही पांच दिनों तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय रेणुकाजी मेले का आगाज होगा।