ढाबो मोहल्ला नाहन में बच्चे को जानवरों की पहचान करना सिखातीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
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नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के आंगनबाड़ी केंद्रों में बुधवार को पहले दिन लंबे अरसे बाद नौनिहाल पहुंचे। हालांकि पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही है। अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों में एक या दो बच्चों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जो बच्चे पहुंचे भी वह वापस घर जाने की जिद्द करते नजर आए।
समय दोपहर 12:30। स्थान आंगनबाड़ी केंद्र रीठा का पेड़। इस आंगनबाड़ी केंद्र में केवल एक ही बच्चा पहुंचा था। इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाएं राशन के लिए आई थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोनांचला खान ने बताया कि आज केवल एक ही बच्चा आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा।
उन्होंने बताया कि महीने की पहली तारीख को महिलाओं को राशन वितरण किया जाता है लेकिन एक मार्च को छुट्टी होने के चलते दो मार्च को राशन वितरण किया गया। इसके अलावा एक बच्चे का वजन और लंबाई भी चेक की गई।
समय दोपहर 12:50। स्थान आंगनबाड़ी केंद्र हाथी की कब्र। यहां पर भी दो बच्चे ही पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता पूनम चौहान ने बताया कि सुबह दस बजे दो बच्चे केंद्र पहुंचे लेकिन आते ही वापस जाने की जिद्द करने लगे। उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद बच्चे केंद्र पहुंचे हैं जो अपने को असहज महसूस कर रहे थे। रोने लगे और घर छोड़ने की जिद्द करने लगे। उन्होंने बताया कि आज महिलाओं को राशन वितरण किया गया।
उधर, आंगनबाड़ी केंद्र रानीताल की कार्यकर्ता शशिबाला ने बताया कि बुधवार को आंगनबाड़ी केंद्र में दो बच्चे पहुंचे। छोटा चौक केंद्र की कार्यकर्ता मीरा जोशी ने बताया कि बुधवार को चार बच्चे केंद्र पहुंचे।
गौरतलब है कि कोरोना काल के बाद आंगनबाड़ी केंद्र तो खोल दिए गए थे, लेकिन बच्चों के आने पर पाबंदी थी। बुधवार से फिर से इन बच्चों को नियमित तौर पर केंद्रों में बुलाया गया है। इसके अलावा जिले के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कम संख्या में बच्चों के पहुंचने की सूचना है।