18 पंचायतों के लोग 20 किलोमीटर दूर पांवटा साहिब पर निर्भर
-आग की घटनाओं में बढ़ता नुकसान, पूर्व विधायक किरनेश जंग के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। गर्मी के मौसम में पतझड़ शुरू हो गई है तो वहीं गेहूं की फसल भी पककर तैयार है। ऐसे में गिरिपार क्षेत्र में आग की घटनाओं से बचने के लिए अब फायर सब स्टेशन खोलने की मांग लगातार जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र की करीब 18 पंचायतों के लोगों को आग लगने पर 20 से 26 किलोमीटर दूर पांवटा साहिब पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यहां समय पर राहत नहीं मिल पाती और नुकसान बढ़ जाता है। कई बार सीमा से सटे उत्तराखंड से भी फायर ब्रिगेड की मदद लेनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने कई बार विधायकों के माध्यम से प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि गिरिपार, आंजभोज और दून क्षेत्र की पंचायतों के लिए स्थायी फायर सब स्टेशन और कम से कम एक-दो दमकल वाहनों की व्यवस्था की जाए। स्थानीय निवासी कमल चौधरी, प्रदीप चौहान, सुरजीत सिंह, नरेंद्र कुमार, चौहान, लाल सिंह, रमेश चंद शर्मा, जोगेंद्र चौहान, कृष्णा रॉय, अच्छर चौधरी आदि ने बताया कि क्षेत्र में दर्जनों लघु उद्योग, शिक्षण संस्थान, चिकित्सालय और 5600 हेक्टेयर घना वन क्षेत्र होने के कारण आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके बावजूद आज तक यहां अग्निशमन केंद्र की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है।
हाल ही में जंगलों में लगी आग किसानों के खेतों तक पहुंचने से कई हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल राख हो गई, जबकि वन संपदा और वन्य जीवों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि भंगानी रेंज का लगभग 5600 हेक्टेयर जंगल क्षेत्र आग की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है, ऐसे में फायर स्टेशन की कमी बड़ी चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि इस मांग को जल्द ही प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी अग्निकांड के दौरान जान-माल की हानि को कम किया जा सके।
पूर्व विधायक किरनेश जंग ने कहा कि ग्रामीणों की इस जायज मांग को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा और गिरिपार क्षेत्र में फायर सब स्टेशन खोलने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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