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पांवटा, नालागढ़ आदि क्षेत्रों में हुए दर्ज हुए मुकदमें लिए जाएं वापिस

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पांवटा साहिब (सिरमौर)। संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर पांवटा साहिब, नालागढ़ सहित अन्य जगह दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन के दौरान शहीद सभी किसानों और घायल साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त कर केंद्र सरकार से उनको मुआवजा देने की मांग भी दोहराई है।
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संयुक्त ब्यान में संयोजक संयुक्त किसान मोर्चा हिमाचल प्रदेश अनिंदर सिंह नॉटी, खूब राम संयोजक जिला मंडी, मनीष ठाकुर संयोजक जिला सोलन, बृजेश शर्मा संयोजक जिला ऊना, गुरमुख सिंह, चरणजीत सिंह जैलदार, गुरजीत सिंह, जसविंदर बिलिंग, देवरूप सैनी, बलविंदर ठाकुर, हरिराम शास्त्री, अर्जुन सिंह रम्मी व गुरनाम सिंह ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि लोकसभा के पटल पर केंद्र सरकार कहती है कि उसके पास आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों का कोई आंकड़ा नहीं है।
जबकि केंद्र की गुप्तचर एजेंसियां एक छोटी-छोटी घटना का विवरण भी रोजाना नोट कर गृह मंत्रालय को भेजती रहती हैं। उनकी बात अगर सच भी हो तब भी यह गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार की बहुत बड़ी विफलता और चूक है।
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उन्होंने कहा कि सरकार इस गलतफहमी में न रहे कि तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेने मात्र से यह आंदोलन खत्म हो जाएगा। अभी किसानों की अन्य मांगों पर सरकार ने कोई घोषणा या बयान जारी नहीं किया है।
किसानों की अन्य मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी बिल, बिजली संशोधन विधेयक की वापसी, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को सरकारी मुआवजा शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के किसान पहले की तरह इस आंदोलन और दिल्ली मोर्चे में भाग लेते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल संयुक्त किसान मोर्चा चार दिसंबर को दिल्ली में केंद्रीय संयुक्त किसान मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेगा और प्रदेश के किसानों का पक्ष रखेगा।
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