ददाहू में अधर में लटका गिरिनदी पर बनने वाले पुल का निर्माण कार्य। संवाद
वन विभाग ने रोका था कार्य, पुल के निर्माण में लगी कंपनी ने समेटा सामान
योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)। रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने वाले गिरि पुल का निर्माण का कार्य अधर में लटक गया है। मार्च 2023 तक इस पुल को तैयार करने का लक्ष्य रखा था। छह करोड़ रुपये की राशि खर्च करने के बाद भी पुल तैयार नहीं हो पाया है और निर्माण कार्य अधूरा ही रह गया है। वहीं, पुल के निर्माण कार्य में जुटी कंपनी भी मशीनों और निर्माण सामग्री को समेटकर जा चुकी है। विभाग पुल निर्माण के लिए कंपनी को छह करोड़ की राशि अदा का चुका है। बता दें कि ददाहू में गिरि नदी पर करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से 165 मीटर लंबे नए आधुनिक और डबललेन पुल का निर्माण किया जाना है। इसके लिए मार्च 2023 तक की तारीख निर्धारित की गई थी, निर्माण की अवधि को गुजरे एक वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। पुल का कार्य अभी भी अधर में लटका है। इस पुल का शिलान्यास 19 नवंबर, 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था। उसके बाद से ही लोग पुल के निर्माण की बाट जोह रहे हैं।
पुल के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग ( एफसीए) की स्वीकृति लेना उचित नहीं समझा। पुल का एक पिलर वन विभाग की परिधि में होने के कारण वन विभाग के अधिकारियों ने काम बंद करवाने के साथ-साथ विभाग पर 3.36 लाख रुपये का जुर्माना जमा करवाने का फरमान जारी किया। एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी विभाग एफसीए की स्वीकृति नहीं ले पाया और पुल निर्माण का कार्य अनिश्चित काल के लिए लटक गया।
जानकारी के अनुसार, एफसीए की मंजूरी के बाद विभाग पुल के निर्माण को लेकर दोबारा से नया टेंडर करने की फिराक में है। सनद रहे कि पुराना गिरिपुल 50 साल की अवधि को पूर्ण कर चुका है। वर्तमान में वह जर्जर हालत में है और कभी भी बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है।
एफसीए की स्वीकृति के लिए आवेदन किया
गिरिपुल के निर्माण को लेकर एफसीए की स्वीकृति के लिए आवेदन किया जा चुका है। वन विभाग के खाते में 3.36 लाख रुपये की जुर्माना राशि भी जमा हो गई है। एफसीए की स्वीकृति मिलते ही दोबारा से टैंडर प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।
-राजेश धीमान, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग
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