भाजपा समर्थित 8 पार्षद और विधायक ने प्रशासन के इस फैसले पर उठाया सवाल
तहसीलदार ने बैठक रद्द होने का कारण एसडीएम की अचानक तबीयत खराब होना बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। नगर परिषद पांवटा साहिब के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन के लिए तय बैठक को आनन-फानन में रद्द करने पर भाजपा समर्थित पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया है। भाजपा समर्थित 8 पार्षद शुक्रवार को विधायक सुखराम चौधरी के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठाए।
पांवटा साहिब नगर परिषद में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक निर्धारित थी, लेकिन प्रशासन ने बैठक शुरू होने से ठीक पहले इसे रद्द कर दिया। पार्षदों का आरोप है कि बैठक तो रद्द कर दी गई, लेकिन अगली तिथि तक नहीं बताई गई। इससे शहर के विकास कार्य अधर में लटक गए हैं। विधायक सुखराम चौधरी ने प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकार की मंशा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार पांवटा साहिब शहर की जनता को लावारिस छोड़ना चाहती है और विकास कार्य नहीं करना चाहती, तभी इस तरह का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह अचानक बैठक रद्द करना इस बात का सबूत है कि सरकार जनता की ओर से चुने हुए प्रतिनिधियों को बर्दाश्त नहीं कर सकती।
बैठक में पहुंचे पार्षदों से तहसीलदार मस्तराम शर्मा ने बात की। उन्होंने बैठक रद्द होने का कारण एसडीएम की अचानक तबीयत खराब होना बताया। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि एसडीएम के ठीक होते ही नई तिथि तय कर बैठक बुलाई जाएगी। भाजपा समर्थित पार्षदों का कहना है कि अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव समय पर होना जरूरी है ताकि शहर के रुके हुए विकास कार्य शुरू हो सकें। पार्षदों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द नई तिथि घोषित करे।
इस मौके पर पार्षद निर्मल कौर, इंद्रजीत सिंह मिक्का, मयंक चौहान, आशा देवी, राजरानी, सर्वशक्ति भटनागर, ममता सैनी, कुलदीप चौधरी मौजूद रहे। सभी ने कहा कि जनता ने उन्हें विकास के लिए चुना है, लेकिन प्रशासन की इस तरह की कार्यशैली से शहर का नुकसान हो रहा है। नगर परिषद के चुनाव को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। देखना होगा कि प्रशासन कब नई तिथि तय कर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव करवाता है।