नाहन। अदालती कार्यवाही के दौरान गैर-हाजिर रहने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एक व्यक्ति पर जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह आदेश राज्य बनाम इशु मामले में पारित किया है। दरअसल, एक मामले में आरोपी इशु अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके चलते 10 मार्च 2026 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और सीआरपीसी की धारा 446 के तहत कार्यवाही शुरू की गई। अब आरोपी ने हलफनामे में जवाब दाखिल कर बताया कि वह एक दुर्घटना का शिकार हुआ था और इलाज जारी रहने के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सका। लेकिन उपचार का कोई ठोस सबूत रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया गया। वहीं, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी गरीब व्यक्ति है, इसलिए उदार दृष्टिकोण अपनाया जाए। न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए 500 का जुर्माना लगाया और जब्त राशि पर ब्याज माफ कर दिया।
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