नाहन। परिवार न्यायालय नाहन ने आपसी सहमति से तलाक के मामले में मनीषा और रविंद्र का विवाह विच्छेद करने का आदेश दिया है। प्रधान न्यायाधीश अजय मेहता की अदालत ने दोनों पक्षों के दूसरे मोशन के बयान दर्ज करने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत के समक्ष दोनों ने कहा कि उनके बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है। दोनों का विवाह 9 मई 2015 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। उनके एक बेटी है, जो मां की देखरेख और अभिरक्षा में रहेगी। पिता को पूर्व सूचना के आधार पर बेटी से मिलने का अधिकार रहेगा।
अदालत में दर्ज समझौते के अनुसार पति ने पत्नी को पांच लाख रुपये स्थायी भरण-पोषण के रूप में देने पर सहमति जताई थी। पहली मोशन की कार्यवाही के दौरान ढाई लाख रुपये दिए जा चुके थे, जबकि दूसरी मोशन के दौरान शेष ढाई लाख रुपये भी पत्नी को प्राप्त हो गए। दोनों पक्ष 6 अगस्त 2020 से अलग रह रहे थे। अदालत ने छह माह की निर्धारित अवधि पूरी होने और साथ रहने की कोई संभावना नहीं होने के आधार पर हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत विवाह को आपसी सहमति से समाप्त करने की डिक्री जारी कर दी। संवाद