-शिमला यूथ फेस्टिवल में क्ले मॉडलिंग से कॉलेज का करेंगे प्रतिनिधित्व, प्रतिभा को मिला बड़ा मंच
-एमए अंग्रेजी के छात्र प्रियांशु डिजिटल क्रिएटर भी, रील्स बनाने के साथ सहेज रहे पारंपरिक कला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डिजिटल दौर में जहां युवा आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं नाहन के बनोग निवासी प्रियांशु पुंडीर मिट्टी को अपनी रचनात्मकता का माध्यम बनाकर अलग पहचान बना रहे हैं। क्ले मॉडलिंग में रुचि रखने वाले प्रियांशु मिट्टी से विभिन्न कलाकृतियां तैयार कर अपनी कल्पनाओं को आकार दे रहे हैं।
मिट्टी से जुड़ी कला भारतीय संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा रही है। प्रियांशु इसी पारंपरिक कला को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके लिए क्ले मॉडलिंग केवल शौक नहीं, बल्कि अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने का जरिया है। प्रियांशु डॉ. यशवंत सिंह परमार स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में अंग्रेजी विषय में मास्टर कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ वह क्ले मॉडलिंग का अभ्यास कर रहे हैं। लगातार अभ्यास के चलते मिट्टी से आकृतियां बनाने में उनकी रुचि और निखर रही है।
प्रियांशु को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर शिमला में आयोजित यूथ फेस्टिवल में मिला है। वह क्ले मॉडलिंग के माध्यम से अपने कॉलेज का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता में अपनी कला का प्रदर्शन करने को लेकर वह उत्साहित हैं। प्रियांशु का मानना है कि किसी भी कला में बेहतर करने के लिए रुचि के साथ लगातार अभ्यास जरूरी है। उनकी यह पहल बताती है कि आधुनिक दौर में भी युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर नई पहचान बना सकते हैं।
प्रियांशु डिजिटल क्रिएटर भी हैं। उन्हें रील्स बनाने का शौक है और वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। एक ओर डिजिटल माध्यम से जुड़ाव और दूसरी ओर पारंपरिक मिट्टी कला के प्रति रुचि उनकी रचनात्मकता को अलग पहचान देती है।-
नाहन का युवा कलाकार प्रियांशु पुंडीर द्वारा बनाई गई कलाकृति। संवाद