फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिरमौर का हाटी कबीला अब देवी-देवताओं की शरण में

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिपुरधार (सिरमौर)। गिरिपार को जनजातीय दर्जे की मांग को लेकर हक नहीं तो वोट नहीं नारा बुलंद करने के साथ अब सिरमौर का हाटी कबीला देवी-देवताओं की शरण में है। नेताओं के आश्वासनों से ज्यादा लोगों को देवी भंगायणी पर भरोसा है। रविवार को हरिपुरधार में हाटी समुदाय के लोगों को देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। देवी के गूर ने कहा कि जो हाटी का काम नहीं करेगा, उसे माता दंड देगी। उसे देवी के प्रकोप को सामना करना पड़ेगा। माता भंगायणी शिरगुल महाराज की धर्म बहन हैं, इसे शक्तिपीठ के रूप में हरिपुरधार में स्थापित किया गया था। उधर लोग अब आर-पार की लड़ाई लडना चाहते हैं। हाटी विकास संघ के मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा ने कहा कि नेताओं से ज्यादा लोगों को देवी-देवताओं पर भरोसा है। हाटी समुदाय हर हाल में मसला सुलझाना चाहता है। महाखुमलियों में लिए गए फैसलों को अगर नेताओं ने नहीं माना तो इन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तीन लाख लोग सरकार के साथ खड़े हैं, सरकार जल्द इन्हें न्याय प्रदान करें, अन्यथा लोग नेताओं का गिरिपार में प्रवेश करना बंद कर देंगे।
विज्ञापन

--
और बुलंद होगा नारा
हाटी समुदाय के तीन लाख लोग अब हक नहीं तो वोट नहीं का नारा और बुलंद करेंगे। लोगों ने सरकार को जून महीने तक की मोहलत दी है। इसमें कहा गया है कि अगर 30 जून तक हाटी को जनजातीय दर्जा नहीं दिया गया तो वे नेताओं का गिरीपार क्षेत्र में प्रवेश करना बंद कर देंगे। आजकल लोग महाखुमली के माध्यम से आंदोलनरत है। जल्द ही वे पहली जनवरी को हुई पहली महाखुमली में लिए गए फैसले को लागू करने के बारे में रणनीति बनाएंगे। कुछ दिन पहले ही मंडी की सांसद प्रतिभा सिंह ने इस मसले को संसद भी उठाया था। संसद तक गूंज हुई थी, लेकिन जिस तरह का जवाब जनजातीय मंत्रालय की ओर से आया था, उससे लोगों में निराशा का माहौल बना। हाटी समुदाय के लोग शिमला के सांसद एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि मंडी की सांसद ने सवाल उठाया तो शिमला के सांसद इस मुद़्दे पर क्यों चुप हैं।
---
17 अप्रैल को संगड़ाह में महाखुमली:
हाटी समुदाय की 17 अप्रैल को संगड़ाह में महाखुमली होगी। इनमें हजारों लोग भाग लेंगे। उधर, केंद्रीय हाटी समिति इसकी तैयारियों में जुटी हुई है। इससे पहले रोनहाट, शिलाई, पझौता में महाखुमलियां हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें