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देवदार और कैल के पेड़ काटे, केस दर्ज

Tue, 07 Feb 2017 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो राजगढ़
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न्यू शिमला में डीएवी स्कूल के नजदीक पांच हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है। - फोटो : अमर उजाला
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राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ इलाके की दो बीटों में वन काटुओं ने फिर बेशकीमती देवदार व कैल के पेड़ों को धराशायी कर दिया। काटे गए कुल सात पेड़ों की कीमत 4 लाख 53 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने अज्ञात वन काटुओं के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। 
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जानकारी के अनुसार वन क्षेत्र धामला व कातोगा बीट में वन काटुओं ने देवदार व कैल के पेड़ कुल्हाड़ी से काट डाले। वन विभाग ने इन पेड़ों की कुछ लकड़ी भी बरामद की है। इसकी कीमत एक लाख 56 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी हर्षमोहन ने पुलिस थाना राजगढ़ में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने वन काटुओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 व इंडियन फोरेस्ट अधिनियम 26 के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पूर्व 31 जनवरी की रात को चायल बीट के हाब्बन खंड के बडोठ जंगल में भी अज्ञात लोगों ने देवदार के दो पेड़ों को काट डाला। इसकी कीमत 79 हजार रुपये आंकी गई है। जबकि वन विभाग ने तीन फरवरी की रात को खरमांजी के समीप सड़क के नीचे से 59 देवदार की फ्रेम बरामद की। इनकी कीमत चालीस हजार रुपये आंकी गई है। उधर, डीएसपी योगेश रोल्टा ने बताया कि मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। 
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अवैध कटान के दर्जनों मामले
जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्र के घने जंगलों में इन दिनों अवैध कटान जोरों पर हैं। विभाग के समक्ष भी अवैध कटान के दर्जनों मामले आ चुके हैं। वन काटू अंधेरे का फायदा उठाकर जंगलों को नष्ट करने में लगे हैं। विभिन्न वन बीटों में अभी तक दर्जनों बेशकीमती पेड़ वन काटुओं की भेंट चढ़ चुके हैं। राजगढ़ व संगड़ाह पुलिस थाना में भी इस मामले में वन विभाग के बीट अधिकारियों ने अवैध कटान के मामले दर्ज करवाए हैं। 29 दिसंबर को भी राजगढ़ की एक बीट में देवदार व कैल के पेड़ काटने का मामला सामने आया था। इससे पूर्व 25 दिसंबर को हाब्बन रेंज के बखोग खंड की ठारु बीट में अज्ञात लोगों ने देवदार के चार पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी। 
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राजगढ़ इलाके की पजेवगा बीट के लोजला जंगल में कालीमाता मंदिर के समीप वन काटुओं ने देवदार का एक पेड़ काटा। इसकी कीमत 90 हजार के करीब आंकी गई है। इससे पहले टिक्कर पंचायत के शमलोह मौजा के दो लोगों की मलकीयत जमीन से वन काटुओं ने देवदार के 13 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी। ऐसे में जंगलों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। 
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