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इशहाक के लाइसेंस पर डेढ़ साल से ड्राइविंग कर रहा था ‘मुंबइया’

Tue, 07 Feb 2017 10:50 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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ड्राइविंग लाइसेंस - फोटो : file photo
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ऑडी और ऑटो में टक्कर से चार लोगों की मौत के मामले में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस से कोर्ट में हाजिर होने वाला इम्तियाज उर्फ मुंबइया अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। वह डेढ़ साल से इशहाक के डीएल की फोटो कॉपी कराकर ड्राइविंग कर रहा था।

उधर, मंगलवार को इशहाक ने एसपी क्राइम से मिलकर सफदरजंग मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर मनीष रावत और इम्तियाज पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखने और जान माल की सुरक्षा की मांग की है।इशहाक का आरोप है कि उसे मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
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एसपी क्राइम ने सीओ नवाबगंज को मामले की जांच सौंपकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसएसपी को संबोधित पत्र में इशहाक ने कहा है कि वह थाना हाफिजगंज के ग्राम लभेड़ा गांव का मूल निवासी है। कुछ समय पूर्व वह पीर बहोड़ा में शबनम के मकान में किराए पर रहता था। इसी मकान में सैयद इम्तियाज कादरी भी किराए पर रह रहा था।

इम्तियाज मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है और उसकी पत्नी के मामू शाहिद रजा का दोस्त है। इसकी वजह से इम्तियाज का उसके कमरे और गांव आना-जाना था। एक दिन इम्तियाज उसके कमरे में आया और कहने लगा कि ‘मैं कुछ कागजों की फोटो स्टेट कराने जा रहा हूं। तुम्हें किसी कागज के फोटो स्टेट कराना हो तो दे दो।’

उसने अपने ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो स्टेट कराने के लिए इम्तियाज को दे दी। फोटो कॉपी कराने के बाद इम्तियाज ने उसका ड्राइविंग लाइसेंस लौटा दिया। इसी दौरान इम्तियाज ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस को अपने पास रख लिया। इशहाक ने बताया कि वह पेशे से ट्रक और कैंटर आदि चलाकर परिवार चलाता है।

वह 27 जनवरी को गुजरात (अहमदाबाद) के अफजाल के कैंटर पर था। उसी दिन कैंटर में माल लादकर वह गुजरात से गुवाहाटी, गैर तल्ला (असम) में माल उतारने गया था। 28 जनवरी को दोपहर एक बजे अहमदाबाद के रिंग रोड टोल प्लाजा पर उसने टोल टैक्स दिया, वहां बतौर ड्राइवर उसका फोटो भी खींचा गया।

उसके टोल की रसीद उसकी वहां मौजूदगी की गवाह है। इशहाक ने बताया कि उसे पता लगा कि इसी बीच किसी डॉक्टर मनीष रावत की ऑडी कार से गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की हिंडन नहर रोड पर एक्सीडेंट हुआ है। इस दौरान चार लोगों की मौत हुई है।

हादसे में उसके नाम से इम्तियाज ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी पर अपना फोटो लगाकर कोर्ट में सरेंडर करके जमानत करा ली है। उसका कहना है कि इम्तियाज ने कोर्ट को धोखाधड़ी करके गुमराह किया है। मुंह खोलने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उसकी जान माल को भी खतरा बना हुआ है।

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि धोखाधड़ी करके की गई फर्जी कार्रवाई में इम्तियाज के अलावा डॉक्टर मनीष रावत और अन्य लोगों का पूरा सहयोग रहा है। यह जघन्य अपराध है, ऐसे में इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए।      

- इशहाक की शिकायत है कि छह महीने पहले उसके ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी चोरी करके धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने मामले की जांच सीओ नवाबगंज को सौंपकर एक सप्ताह में कार्रवाई कराने को कहा है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी-मार्तण्य प्रकाश सिंह, एसपी क्राइम, बरेली      

मंगलवार को पुलिस ने इम्तियाज की तलाश में बरेली में कई स्थानों पर छापेमारी की। जांच अधिकारी सनत कुमार मिश्रा ने बताया कि इम्तियाज यहां पत्नी और दो बच्चों के साथ शबनम के मकान में किराए पर रहता था। शबनम ने जांच अधिकारी को बताया कि इम्तियाज चार फरवरी की रात को ही कमरा छोड़कर चला गया।

अगले दिन सुबह उसकी पत्नी कौसर जहां भी बच्चे के साथ चली गई। आसपास के लोगों से जानकारी करने पर पता लगा कि डॉक्टर मनीष रावत के बरेली में रहने के दौरान इम्तियाज उनकी कार चलाता था। मोबाइल शॉप पर काम नहीं होने पर वह ड्राइवरी करता था। जांच अधिकारी ने बताया मुंबई के रहने वाले इम्तियाज को यहां सभी मुंबइया के नाम से जानते हैं।

लोगों को यह भी नहीं पता कि उसका नाम इम्तियाज है। इसी का फायदा उठाकर वह लोगों का इशहाक के डीएल की फोटो कॉपी देकर खुद को कामर्शियल ड्राइवर बताता था। इम्तियाज ने ही तीन दिन पहले उन्हें कॉल कर बताया था कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी लगाकर उसने कोर्ट में सरेंडर किया है, जिसके बाद वह घबराकर बरेली के लिए लौटे थे।

- मनीष रावत से भी पूछताछ करेगी पुलिस            
थाने आकर खुद को बेगुनाह बताने वाले ऑडी मालिक से भी इंदिरापुरम पुलिस पूछताछ करेगी। जांच अधिकारी सनत कुमार मिश्रा ने बताया कि इशहाक ने बरेली में जो शिकायत दी है, उसमें उसने डीएल के फर्जीवाड़े के मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष रावत पर भी शक जताया है।
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ऐसे में पुलिस मनीष से पूछताछ करेगी कि उन्होंने सिर्फ फोटोकॉपी देखकर कैसे इशहाक को नौकरी पर रख लिया। उधर, इशहाक की शिकायत की जांच कर रहे सीओ नवाबगंज भी गाजियाबाद आकर मनीष रावत से पूछताछ कर सकते हैं।           
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