सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की बजगा पंचायत के मझौली गांव से लापता होमगार्ड कर्मचारी बलदेव सिंह का तो पता नहीं चल पाया, लेकिन बेटे के गायब होने के सदमे ने पिता की जान ले ली। पच्छाद क्षेत्र की बजगा पंचायत के होमगार्ड बलदेव सिंह 12 फरवरी दोपहर को दवाई लेने के लिए सराहां गया था। वह आज दिन तक लौटकर नहीं आया। वह अपना मोबाइल भी घर पर ही छोड़ गया था।
बलदेव सिंह को परिजनों ने पहले तो गांव, आसपास व रिश्तेदारों में ढूंढा, लेकिन जब वह कहीं नहीं मिला तो 17 फरवरी को लापता होने की सूचना पुलिस में दर्ज करवाई। बेटे बलदेव सिंह के लापता होने की सूचना के बाद से ही उसके पिता जसवंत सिंह सदमे में थे। गहरे सदमे के कारण उन्होंने मंगलवार को संसार को अलविदा कह दिया। बजगा पंचायत के पूर्व प्रधान देशराज ठाकुर ने बताया कि बलदेव सिंह को ढूंढने में प्रतिदिन गांव के दर्जनों लोग लगे हैं। बलदेव सिंह के पिता जसवंत सिंह कई दिन से अस्वस्थ चल रहे थे। लेकिन, बेटे के गायब होने से वह सदमे में थे। इसकी वजह से 19 फरवरी की रात उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पुलिस प्रशासन बलदेव सिंह को ढूंढने में मदद करे।