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दमकल वाहन फंसा, बाल्टियों से पानी ढोकर बुझाई आग

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दमकल वाहन फंसा, बाल्टियों से पानी ढोकर बुझाई आग
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सीएमओ कार्यालय के समीप जंगल में लगी थी आग
सड़क किनारे खड़े वाहनों के चलते रुके पहिये
पार्किंग के अभाव में जहां-तहां खड़े हो रहे वाहनों से समस्या
संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)। शुक्रवार शाम करीब छह बजे सीएमओ कार्यालय के समीप जंगल में आग लग गई। रिहायशी इलाके के साथ लगी आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया। मौके के लिए तुरंत दमकल वाहन भेजा गया लेकिन आधा रास्ते में वाहन फंस गया। लिहाजा, बाल्टियों से आग बुझाई गई।
दरअसल, नाहन की गलियों की सड़कें बेहद तंग है। उस पर सड़क किनारे खड़े वाहनों से दमकल वाहन का मौके पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। शुक्रवार को भी ऐसा ही मंजर देखने को मिला। सड़क किनारे वाहन खड़े होने की वजह से दमकल वाहन को दावानल वाली जगह तक पहुंचने में काफी वक्त लग गया।
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जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह सीएमओ कार्यालय के समीप जंगल में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग में कर दी। अग्निशमन केंद्र से तुरंत दमकल वाहन मौके को भेजा गया लेकिन करीब आधा घंटा तक यह वाहन बीच रास्ते में ही फंस गया। दरअसल, सीएमओ कार्यालय के समीप ही सड़क किनारे वाहन खड़े किए गए थे। एक वाहन का टायर पंक्चर हो गया था। इस वजह से दमकल वाहन आगे नहीं बढ़ पाया। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने गुन्नूघाट पुलिस चौकी फोन किया। पुलिस की टीम आई। वाहनों के चालान काटे गए और कुछ वाहन किनारे किए। तब कहीं जाकर वाहन मौके पर पहुंचा। इससे पहले कुछ दमकल कर्मी बाल्टियों में पानी भर-भरकर आग बुझाने के कार्य में जुटे रहे।
फायरमैन रमेश पुंडीर ने बताया कि वाहन फंस गया था जिसके चलते मौके पर पहुंचने में देरी हुई। आग पर काबू पा लिया गया है।
बॉक्स के लिए---
शहर में वाहन को जाना मुश्किल
नाहन शहर की गलियों में दमकल वाहन का पहुंचना मुश्किल है। विभिन्न गलियों में अतिक्रमण भी हुआ है। दुकानदारों ने अपना सामान आगे बढ़ाकर रखा है। जबकि वाहनों की लाइनें भी ऐसी घटनाओं में दमकल वाहन को रोकने का काम कर रही है। लिहाजा, इस पर सख्ती की जरूरत है।
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पार्किंग का अभाव-
शहर में पार्किंग का अभाव है। इस वजह से लोग जहां-तहां अपने वाहन खड़े करने को विवश हैं। शहर में नाममात्र वाहनों को खड़ा करने की सुविधा है। जबकि हजारों वाहन शहर में दौड़ रहे हैं। इस वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
--------------संजय भारद्वाज
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