नाबालिग से करवाई जा रही
चिट्टा तस्करी, जांच में खुलासा
- पुलिस ने डॉक्टर और आरोपियों के मोबाइल फोन फोरेंसिक भेजे, आरोपी को दी जमानत
- 31 मार्च को नाहन में 6.68 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़े गए थे दो युवक, डॉक्टर का कनेक्शन आया था सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चिट्टा/हेरोइन मामले में फंसे मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदित्य शर्मा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि आरोपी को सख्त शर्तों का पालन करना होगा। अभी तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों को चिट्टा एक नाबालिग के माध्यम से डिलीवर करवाया गया था। फिलहाल, जांच टीम ने दो आरोपियों के मोबाइल फोन विश्लेषण के लिए एसएफएसएल जुन्गा भेजे हैं ताकि ड्रग्स की खरीद-बिक्री के बारे में पता चल सके।
यह मामला 31 मार्च 2026 को सदर थाना नाहन में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। पुलिस की डिटेक्शन सेल टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि स्कूटी पर सवार दो युवक चिट्टा लेकर नाहन आ रहे हैं। नाहन-काला अंब रोड पर घेराबंदी कर आरोपी भानु गर्ग और अभिमन्यु ठाकुर को पकड़ा गया। तलाशी में 6.68 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि यह नशा डॉ. आदित्य शर्मा के लिए मंगवाया गया था। डॉक्टर ने 9,180 रुपये गूगल पे के माध्यम से ऑनलाइन भेजे थे और आरोपियों से लगातार फोन और व्हाट्सएप पर संपर्क में था।
इस पर उसने भानु के साथ नारायणगढ़ में विक्की नामक युवक से चिट्टा खरीदा था। इसे डॉ. आदित्य को पहुंचाना था। उधर, पुलिस को डॉक्टर और आरोपियों के बीच की चैट और कॉल डिटेल्स हाथ लगी है। इसके बाद मामले में 1 अप्रैल को डॉ. आदित्य को गिरफ्तार किया था। आरोपी तब से लेकर न्यायिक हिरासत पर है।
साल 2020 से चिट्टे का आदी डॉक्टर
पुलिस के अनुसार, साल 2020 से आरोपी डॉक्टर ने खुद को चिट्टा का आदी बताया। उसके पैरों पर इंजेक्शन के निशान भी मिले, जिससे नशे की लत की पुष्टि हुई। अदालत ने कहा कि बरामद मात्रा इंटरमीडिएट है। ट्रायल पूरा होने में समय लगेगा। साथ ही आरोपी की दोषसिद्धि अभी साबित नहीं हुई है। इसलिए अदालत ने सशर्त जमानत में निर्देश दिए है कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा। गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेगा। साथ ही, हर पेशी पर कोर्ट में हाजिरी जरूरी है। अदालत ने चेतावनी भी दी है कि किसी भी शर्त के उल्लंघन में आरोपी की जमानत तुरंत रद्द की जाएगी।