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Sirmour News: अदालत

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छह साल के बच्चे से पिता के मिलने का
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समय घटाया, दादा की मौजूदगी पर रोक
नाहन में फैमिली कोर्ट ने बच्चे के मुलाकात विवाद पर सुनाया फैसला, दादी को बशर्त मिलने की अनुमति
बच्चे को खाने-पीने की वस्तुएं देने पर रोक, खिलौने और कपड़े ही दिए जा सकेंगे
चेतावनी, भविष्य में किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार बच्चे के हित में नहीं माना जाएगा
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। फैमिली कोर्ट ने छह वर्षीय मासूम को लेकर चल रहे विवाद में फैसला सुनाते हुए पिता साहिल से बच्चे से मिलने का समय चार घंटे से घटाकर दो घंटे कर दिया है। साथ ही, दादा की मुलाकात स्थल सहित आसपास मौजूदगी पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।
यह आदेश अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश गौरव महाजन ने गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट के तहत दायर माता-पिता की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सुनाया। अदालत ने खुले कोर्ट में बच्चे से बातचीत की। बच्चे ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह पिता और दादा-दादी से मिलने में सहज नहीं है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चे की इच्छा और उसके सर्वोत्तम हित-दोनों अलग-अलग विषय हैं लेकिन मौजूदा हालात में बच्चे की सुरक्षा ही प्राथमिकता है।
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कोर्ट ने दादी के व्यवहार को गैर-आक्रामक मानते हुए शर्तों के साथ बेटे के साथ बच्चे से मिलने की अनुमति दी है। साथ ही 17 सितंबर 2024 के निर्णय को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए आदेश दिया कि पिता की मुलाकात, मां की उपस्थिति अब हर दूसरे और चौथे रविवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक होगी। बीमारी की स्थिति में वीडियो कॉल के माध्यम से एक घंटे तक बातचीत कर सकेंगे। इसके अलावा बच्चे को खाने-पीने की वस्तुएं नहीं दी जाएंगी, सिर्फ खिलौने या कपड़े ही दिए जा सकेंगे।
सुनवाई के दौरान मां की ओर से पेन ड्राइव में पेश किए गए वीडियो चलाए गए। इसमें बच्चे के दादा का आक्रामक व्यवहार दिखाई दिया। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए दोनों पक्षों को चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह का अनुचित या आक्रामक व्यवहार बच्चे के हित में नहीं माना जाएगा। अदालत ने यह आदेश बच्चे के हित और उसके मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए सुनाया।

यह है पूरा मामला
साहिल और राधा का विवाह 17 मई 2019 को हुआ था। 8 फरवरी 2020 को बेटे के जन्म के बाद साल 2023 में विवाह तलाक हो गया। अदालत में सहमति व्यक्त की थी कि बेटा मां के साथ रहेगा। राधा वर्तमान में बेटे के साथ दूसरे पति के साथ रह रही हैं। इसके बाद साहिल ने याचिका दायर की थी कि उसे बेटे से मिलने दिया जाए। 17 मार्च 2023 को अदालत ने उसे बच्चे से हर महीने के दूसरे और चौथे रविवार को दोपहर में मिलने का आदेश दिया। साहिल ने दूसरी बार याचिका दायर कर उसके माता-पिता को भी बच्चे से मिलने की अनुमति की मांग की।
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17 सितंबर 2024 को न्यायालय ने आदेश दिया था कि बच्चे की दादी के नाते वह बेटे के साथ बैठक स्थल पर जा सकती है, लेकिन गैरजिम्मेदाराना व्यवहार के चलते दादा को पोते से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। अब फिर से दोनों पक्षों की ओर से 17 सितंबर 2024 के पारित आदेश में मुलाकात के अधिकारों की शर्तों और नियमों में संशोधन की दोबारा मांग की गई।
संवाद
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