अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी की अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी की अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई एक साल के साधारण कारावास और 1.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा को सही ठहराते हुए बरकरार रखा है।
अंशुल (शिकायतकर्ता) और रवि दत्त (दोषी) के बीच पुराने दोस्ताना संबंध थे। सितंबर 2022 में रवि दत्त ने जरूरत पड़ने पर अंशुल से 1.50 लाख रुपये उधार लिए। इस राशि के भुगतान के लिए रवि ने दिसंबर 2022 को एक चेक दिया था। जब अंशुल ने चेक बैंक में लगाया, तो वह खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर अंशुल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
दोषी रवि दत्त ने अपनी अपील में तर्क दिया था कि उसने केवल 10,000 रुपये लिए थे जो लौटा दिए हैं और चेक केवल सुरक्षा के तौर पर दिया गया था। अदालत ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 139 के तहत अगर चेक पर हस्ताक्षर सही हैं, तो यह माना जाता है कि वह कर्ज चुकाने के लिए ही दिया गया है। आरोपी यह साबित करने में विफल रहा कि उसने पैसे लौटा दिए हैं या चेक किसी अन्य उद्देश्य से दिया गया था।