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Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- आरडीजी हिमाचल का हक, लोग नहीं मांग रहे कोई खैरात

Sun, 15 Feb 2026 09:51 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, सराहां (सिरमौर)।

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सराहां में कहा कि आरडीजी के लिए हिमाचल के लोग खैरात नहीं मांग रहे हैं, यह हिमाचल का हक है। पढ़ें पूरी खबर...
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सराहां में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू । - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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सिरमौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सराहां में प्रदेश भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के हितों को भी खत्म कर रही है। पूर्व प्रदेश भाजपा सरकार को केंद्र सरकार की तरफ से 5 वर्षों में 71 हजार करोड़ दिए गए, जबकि 3 वर्षों में कांग्रेस सरकार को मात्र 17 हजार करोड़ रुपये ही मिले हैं। भाजपा यह सोचकर बैठी है कि 2027 में जनता उन्हें पलकों पर बिठाकर सत्तासीन करेगी। लेकिन जो भाजपा पांच गुटों में बंटी हो, वह सत्तासीन कैसे होगी। आरडीजी के लिए हिमाचल के लोग खैरात नहीं मांग रहे हैं, यह हिमाचल का हक है।

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उन्होंने कहा कि 1952 से प्रदेश को आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) मिलती आई है, जिसे भी अब रोक दिया गया है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से प्राकृतिक आपदा में जिन लोगों का नुकसान हुआ था। उनके लिए एक बीघा जमीन देने की मांग की गई थी, परंतु केंद्र सरकार से इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है। जबकि पूर्व प्रदेश भाजपा सरकार ने 5 हजार बीघा जमीन को एक करोड़ में दिया गया।

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उन्होंने पूछा कि प्रदेश भाजपा के नेता बताएं, वह राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के पक्ष में हैं या नहीं। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की मांग पर सर्वदलीय बैठक का स्थान बदला गया, लेकिन हिमाचल के हितों के लिए भाजपा खड़ी नहीं हुई, जबकि अन्य सभी दलों ने राजस्व घाटा अनुदान पर राज्य सरकार को समर्थन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में जब उन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वह हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। भाजपा नेताओं को प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपये की कटौती का मुद्दा जनता के समक्ष रखना चाहिए। भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल कराएं।

सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार को पांच वर्षों में 70 हजार करोड़ की अतिरिक्त धनराशि मिली, लेकिन उन्होंने इसका सदुपयोग नहीं किया। अगर पूर्व भाजपा सरकार ने इस पैसे का सदुपयोग किया होता तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ का कर्ज और 10 हजार करोड़ की देनदारियां नहीं होतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने एक हजार करोड़ के भवन सिर्फ मित्रों को खुश करने के लिए बना दिए, जबकि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है।
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