सतौन(सिरमौर)। मुख्यमंत्री का गिरिपार दौरा शमाह वासियों को खुशियों की सौगात लेकर आया। गांव से पलायन कर चुके तीन दर्जन परिवार पिछले एक दशक से अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे। शुक्रवार को कफोटा दौरे के दौरान सीएम ने शमाह ग्राम के 36 परिवारों को भूमि पट्टे जारी किए। सीएम ने इन परिवारों को पांवटा के रामपुरघाट में 3-3 विस्वा भूमि रिहायशी भवन के लिए प्रदान कर दी।
उल्लेखनीय है कि डेढ़ दशक पहले शिलाई विस क्षेत्र के शमाह गांव में दरारें आनी शुरू हो गई थी। तब ग्रामीणों ने तत्कालीन एसडीएम पांवटा एमपी सूद को समस्या के बारे में अवगत करवाया था। धीरे-धीरे गांव के हर रिहायशी भवन में दरारें बढ़ती चली गई। मजबूरन 2013 में लोगों ने पलायन कर लिया। वर्ष 2014 में लोस चुनाव के दौरान शिलाई दौरे के समय मुख्यमंत्री को तिलौरधार में प्रतिनिधिमंडल ने समस्या से अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व रोजगार सृजन बोर्ड अध्यक्ष हर्षवर्धन चौहान ने पांवटा में आवास भवन के लिए पट्टे देने का वायदा किया था। शुक्रवार को शिलाई विस क्षेत्र का दौरा किया। कफोटा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जनसभा को संबोधित करने के बाद शमाह गांव के 36 परिवारों को पांवटा के रामपुरघाट में 3-3 विस्वा भूमि के पट्टे जारी कर अपना वायदा पूरा किया है। पांवटा में कुल 5 बीघा 8 विस्वा जमीन शमाह वासियों को गांव बसाने के लिए प्रदान की गई है।
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- इन परिवारों को रामपुरघाट में मिले पट्टे
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शमाह गांव के 36 परिवारों को पट्टे जारी किए हैं। इनमें चूहीराम शर्मा, हिरदाराम, मदन सिंह, इंद्रसिंह, सुंदर सिंह, कंठीराम, शोभाराम, इंद्रसिंह, उदय राम, चंदन सिंह, मुंडीराम, रतिराम, ओमप्रकाश, सिंगाराम, शिबिया राम, चूहीराम, तुलसीराम, शुभाराम, संतराम, गंगाराम, रामलाल, दीपचंद, मायाराम, आत्माराम, तुलाराम, रतीराम, रामलाल, सुमेरचंद, दयाराम, धर्मसिंह, शुपाराम, खतरीराम, मुंडीराम, बिशन सिंह, मदन सिंह व लीला देवी शामिल हैं।