-देर रात को जंगलों में फंस रहे श्रद्धालु, यात्रा के दौरान अनावश्यक समय न करें बर्बाद : कुंदन ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/नौहराधार (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार की यात्रा के दौरान नौहराधार मार्ग पर श्रद्धालुओं के रास्ता भटकने की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। घटनाओं को देखते हुए चूड़ेश्वर सेवा समिति ने विशेष एड्वायजरी जारी की है। कई श्रद्धालु देर रात जंगलों में फंस रहे हैं, जिन्हें मोबाइल नेटवर्क की भारी किल्लत के बावजूद ‘चूड़धार टेंपल’ फेसबुक पेज के सेवादारों ने घंटों फोन पर नेविगेशन गाइडेंस देकर सुरक्षित मंदिर पहुंचाया।
चूड़ेश्वर सेवा समिति की प्रचार-प्रसार उपसमिति के अध्यक्ष कुंदन ठाकुर ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ठाकुर ने बताया कि मुख्य समस्या नौहराधार से चूड़धार जाने वाले पैदल ट्रैक पर आ रही है। नौहराधार से करीब 7 किलोमीटर तक सड़क मार्ग उपलब्ध है, जहां तक वाहन जा सकते हैं। इसके आगे चूड़धार मंदिर तक लगभग 11 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है, जिसमें 5 से 6 घंटे का समय लगता है। इसलिए, श्रद्धालु सुबह जल्दी अपनी यात्रा शुरू करें ताकि हर हाल में सूर्यास्त से पहले मंदिर पहुंच सकें।
समिति ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे रास्ते में आने वाले ढाबों पर बिना वजह ज्यादा देर न रुकें। साथ ही, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के चक्कर में अत्यधिक समय व्यर्थ न करें, क्योंकि अंधेरा होने पर रास्ता भटकने का खतरा बढ़ जाता है। ढाबा संचालकों से भी तीर्थ की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सही मार्ग की जानकारी देने की अपील की गई है।
इसके अलावा समिति ने अपील की है कि चूड़धार श्रीगुल महाराज की आस्था का केंद्र है, कोई आम पर्यटक स्थल नहीं। इसलिए तीर्थ की गरिमा, सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। मौसम, स्वास्थ्य और समय को देखकर ही जिम्मेदारीपूर्वक यात्रा करें। यदि परिस्थितियां अनुकूल न हों, तो जोखिम उठाने के बजाय सड़क मार्ग से ही शीश नवाकर लौट आएं, वह भी उतना ही पुण्य का कार्य है।
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15 मई से लंगर और ठहरने की निशुल्क व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चूड़ेश्वर सेवा समिति द्वारा चूड़धार मंदिर परिसर में निशुल्क लंगर प्रसाद और रात्रि विश्राम की व्यवस्था 15 मई से शुरू कर दी गई है। समिति ने बताया कि यदि श्रद्धालु छोटे पैदल मार्ग से जाना चाहते हैं, तो शिमला जिले के चौपाल उपमंडल के अंतर्गत सरेन (बिजट महाराज मंदिर) के पास पुलबाहल सड़क मार्ग पर स्थित “मण्डाह लाणि” एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग है। यहां से चूड़धार मंदिर की दूरी मात्र 7 किलोमीटर है, जिसे श्रद्धालु 3 से 4 घंटे में आसानी से पूरा कर लेते हैं।