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Sirmour News: पच्छाद में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना बना जी का जंजाल, पंचायतों के रिकॉर्ड ने अटकाए सैकड़ों मामले

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पंचायत से बीडीओ और फिर सीएमओ कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर लोग, एक माह से नहीं बन रहे प्रमाण पत्र
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छात्रवृत्ति, पासपोर्ट और दाखिले के काम अटके, लोगों ने जिला प्रशासन से विशेष अभियान चलाने की उठाई मांग
भेखानंद वर्धन
नैनाटिक्कर (सिरमौर)। पच्छाद विकास खंड में ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनवाना लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। पंचायत रिकॉर्ड में खामियों के चलते सैकड़ों लोगों के जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है। स्कूल में एडमिशन से लेकर नौकरी और सरकारी योजनाओं तक के हजारों जरूरी काम इसी वजह से अटके पड़े हैं।
दरअसल, सरकार ने अब जन्म प्रमाण पत्र की पूरी प्रक्रिया को सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन कर दिया है। नए सिस्टम में पुराने पंचायत रजिस्टर में दर्ज पंजीकरण संख्या का होना अनिवार्य है, लेकिन पच्छाद की अधिकांश पंचायतों में 1990 से 2015 तक के रिकॉर्ड में कई लोगों के नाम तो दर्ज हैं, लेकिन उनके सामने पंजीकरण संख्या नहीं लिखी गई है। कई रजिस्टर फटे-पुराने हैं तो कई में केवल नाम लिखकर छोड़ दिया गया है।
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जब लोग ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो पोर्टल पर रिकार्ड नॉट फाउंड आ रहा है। इसके बाद शुरू होता है सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने का सिलसिला। लोग पहले पंचायत सचिव के पास जाते हैं। सचिव कहते हैं कि रिकॉर्ड में नंबर नहीं है, हम कुछ नहीं कर सकते। फिर लोग विकास खंड कार्यालय पच्छाद जाते हैं, वहां से उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय नाहन भेज दिया जाता है। सीएमओ कार्यालय में फिर से पंचायत से रिपोर्ट लाने को कहा जाता है। इस तरह आम जनता बीडीओ और सीएमओ कार्यालय के बीच फुटबॉल बनी हुई है।
साधना घाट पंचायत के चन्दोग निवासी धर्म सिंह और पट्टा कुरफड़ के बलबीर सिंह ने का कहना है कि वे पिछले एक महीने से लगातार पंचायत व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय नाहन के चक्कर काट रहे हैं। जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहा है, जिस कारण सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। छात्रवृत्ति और पासपोर्ट के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है, लेकिन प्रमाण पत्र न बनने से उनके फॉर्म नहीं भरे जा रहे। पंचायत सचिवों का कहना है कि यह पुराना रिकॉर्ड उन्हें पूर्व सचिवों से इसी हालत में मिला था। पोर्टल में पुराने रिकॉर्ड को ठीक करने का अधिकार केवल जिला स्तर पर है, उनके पास नहीं है। इसलिए वे भी बेबस हैं।
लोगों ने जिला प्रशासन सिरमौर से मांग की है कि इस समस्या के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जिन लोगों के नाम रजिस्टर में हैं, उन्हें नया पंजीकरण नंबर देकर उनका रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट किया जाए और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक ऑफलाइन प्रमाण पत्र देने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
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समस्या पंचायत स्तर पर हो या फिर सीएमओ कार्यालय स्तर पर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति कार्यालय में आकर कभी भी मिल सकता है। उसकी समस्या का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. राकेश प्रताप, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला सिरमौर


-संवाद
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