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भारतीय किसान यूनियन ने बजट में किसानों के लिए मांगा विशेष पैकेज

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bharat kisan union himachal pradesh demanded to state govt. special pakage for farmers in budget
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। भारतीय किसान यूनियन हिमाचल प्रदेश इकाई ने राज्य सरकार से बजट में किसानों के लिए विशेष पैकेज की मांग रखी है। किसानों के प्रति सरकार कितनी गंभीर है, इस पर निगाहें टिकी हैं।
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हिमाचल प्रदेश भाकियू अध्यक्ष अनिंद्र सिंह नोटी, चरणजीत जेलदार, मनीष ठाकुर सोलन, जसविंद्र बिलिंग, गुरजीत सिंह, बृजेश शर्मा ऊना, खूबराम नेगी मंडी, हरिराम शास्त्री सिरमौर, आनंद नेगी किन्नौर और रछपाल चौहान कांगड़ा ने संयुक्त बयान में कहा कि हिमाचल में कुल घरेलू सकल उत्पाद में 45 फीसदी हिस्सा कृषि, बागवानी का है। वर्ष 2022 के बजट में किसानों बागवानों के लिए खास प्रावधान हो। किसानों की सुविधा व फसलों के भंडारण को कोल्ड स्टोर चेन के लिए बजट मिले। कोल्ड स्टोर कार्पोरेशन की स्थापना कर अलग से विभाग बनाए जाएं।
प्रदेश के किसानों, बागवानों, खासतौर पर ऊपरी क्षेत्र के बागवानों को यूटिलिटी और पिकअप जैसे वाहन अभी तक व्यावसायिक श्रेणी में रखे गए हैं। किसानों को रोड टैक्स, पासिंग और इंश्योरेंस के रूप में भारी-भरकम पैसा भरना पड़ता है। इनको प्राइवेट रजिस्ट्रेशन दायरे में लाकर ट्रैक्टर की तर्ज पर सब्सिडी दें।
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फसल बीमा को प्रदेश सरकार अलग योजना बनाए। भाकियू ने मांग रखी है कि एपीएमसी आय का एक हिस्सा कोल्ड स्टोर बनाने व खेती में रिसर्च को रखें। हर ब्लॉक स्तर पर एक नई मंडी बने और टमाटर, अदरक लहसुन का पल्प बनाने पर आधारित उद्योग लगें। गेहूं के साथ मक्की प्रदेश में सबसे अधिक फसल होती है। मक्की फसल का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद तय करें।
सरकारी डिपो में गेहूं के साथ मक्की आटा उपलब्ध हो। भांग व अफीम के औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए इसकी खेती को कानूनी दर्जा जल्द दें। प्रदेश में धान खरीद में सिविल सप्लाई कारपोरेशन व कृषि उपज मंडी समिति को खरीद में मध्यस्थ नियुक्त की जाए। सिरमौर स्थित धौलकुआं में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर की स्थापना हो। चंडीगढ़ व देहरादून जैसे शहरों हिमाचली फलों और सब्जियों के अपने आउटलेट हों।
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