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बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ भ्रमण पर निकले भगवान जगन्नाथ

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जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पारंपरिक परिधानों में पहुंची महिलाएं। संवाद - फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। श्री राम हरे राम, राम राम हरे हरे..., हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे...., जय जगन्नाथ स्वामी जय जगन्नाथ....की मधुर स्वर लहरियों से ऐतिहासिक नाहन शहर गूंज उठा। बैंड-बाजे, सिरमौरी लोक वाद्य यंत्र और डीजे पर प्रभु भक्ति में हजारों की भीड़ झूम उठीं।
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मौका था, नाहन में कोरोना महामारी के दो साल बाद होने वाली श्री जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा का। ऐतिहासिक चौगान मैदान से सुबह करीब 11:55 बजे रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। सुसज्जित रथ में विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
नाहन शहर की सड़कों पर लोग भारी संख्या में जुटे। जगह-जगह प्रसाद के स्टॉल भी लगाए गए। मुस्लिम नवयुवक सोसायटी के सदस्यों ने भी भगवान श्री जगन्नाथ का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद का भी स्टॉल लगाया। स्टॉल लगाने वालों में कई सामाजिक संस्थाएं और सभी धर्मों के लोग मौजूद रहे।
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नंगे पांव रथ का रस्सा खींच कर भक्तों ने पुण्य कमाया। रथयात्रा में भजनों की धुन पर श्रद्धालु खूब थिरके। इस एतिहासिक पल को लोगों ने अपने कैमरों में भी कैद किया। रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र का भव्य मिलन देख लोग भावविभोर हो उठे। रथ यात्रा से पूर्व जगन्नाथ मंदिर में श्री विग्रहों की पूजा-अर्चना की गई। यहां पूर्ण आहुति में राज परिवार के उदय प्रकाश प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके बाद भगवान पालकी में सवार होकर चौगान पहुंचे। भगवान की पालकी यात्रा दिल्ली गेट, महिमा लाइब्रेरी और नया बाजार होते हुए चौगान मैदान पहुंची। यहां भगवान जग्गनाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र बारी-बारी से विशाल रथ में विराजमान हुए। श्रीविग्रहों को रथ पर आरुढ़ करके 56 भोग अर्पित कर श्री जगन्नाथ जी की आरती हुई।
इसके बाद चौगान मैदान से भव्य रथ यात्रा का आगाज हुआ। जयकारे लगाते हुए लोगों ने रथ का रस्सा खींचा। रथ यात्रा चौगान मैदान से मालरोड, गुन्नूघाट, पक्का तालाब और कच्चा तालाब होते हुए शाम रघुनाथ मंदिर पहुंची।
चौगान मैदान से सैकड़ों महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं की जयघोष के साथ रथ यात्रा को रवाना किया गया। रथ यात्रा में नेताओं, अधिकारियों सहित बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने रथ का रस्सा खींचकर पुण्य कमाया।
-----तन्हा
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धार्मिक सद्भाव का मिसाल बनी रथ यात्रा
भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा धार्मिक सौहार्द की मिसाल बनी। शहर में हिंदु समुदाय के लोगों के साथ-साथ मुस्लिम और सिख समुदाय के लोगों ने भी खूब स्टॉल लगाए। सभी धर्मों के लोगों ने भगवान श्री जगन्नाथ का स्वागत किया।
लायंस क्लब नाहन, रोटरी क्लब नाहन, इनरव्हील क्लब नाहन, कांग्रेस पार्टी, श्री सत्य साईं सेवा समिति, रानीताल नवयुवक मंडल नाहन सहित अनाम समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह स्टॉल लगाए हुए थे। यहां कहीं हलवा बांटा गया तो कहीं पर फलों का प्रसाद। कई स्थानों पर पानी, कोल्ड ड्रिंक, कड़ी चावल, कुल्फी, फ्रुटी, खीर और काले चने का प्रसाद वितरित किया गया।
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108 एंबुलेंस को दिया रास्ता, शेष फंसे वाहन फंसे
चौहान मैदान से शुरू हुई रथयात्रा जैसे ही नेशनल हाईवे पर पहुंची तो चौक पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके चलते वाहनों के पहिए थम गए।
इसी बीच एक मरीज को नाहन मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था जिसे जाने के लिए मालरोड पर एकदम से जगह दी गई। मजे की बात यह रही कि दूसरे कई वाहन रास्ता न मिलने के कारण चौगान में पुलिस गुमटी के समीप खड़े रहे जिससे वहां लंबी कतारें लग गईं।

नाहन शहर में भगवान जगन्नाथ को भ्रमण करवाने के लिए तैयार रथ। संवाद- फोटो : NAHAN

रथ यात्रा के दौरान रथ का रस्सा खींचते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : NAHAN

रथ यात्रा के दौरान वाद्य यंत्रों के साथ भक्ति में डूबे श्रद्धालु। संवाद- फोटो : NAHAN

नाहन के चौगान मैदान में जगन्नाथ यात्रा में पहुंचे लोग। संवाद- फोटो : NAHAN

चौगान मैदान में रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करते रथयात्रा मंडल के सदस्य। संव- फोटो : NAHAN

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