मलकियत भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध क्रशर निर्माण का आरोप, ग्रामीण पहुंचे एसडीएम के दरबार
-बाग पशोग पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने जांच और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की उठाई मांग
-ग्रामीण बोले- मंदिर, पेयजल स्रोत, चारागाह, बगीचों और उपजाऊ भूमि पर मंडरा रहा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। बाग पशोग पंचायत के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मौजा कांगर में प्रस्तावित निजी क्रशर पर ग्रामीणों की मलकियत भूमि पर अतिक्रमण और बिना प्रशासनिक अनुमति के निर्माण करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम पच्छाद डॉ. प्रियंका चंद्रा को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व पंचायत प्रधान एवं पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष सुरेंद्र नेहरू ने किया।
पंचायत समिति अध्यक्ष प्रकाश भाटिया ने बताया कि जब वह पंचायत प्रधान थे, तब क्रशर संचालक ने पंचायत से करीब 13 बीघा भूमि पर क्रशर स्थापित करने के लिए एनओसी ली थी। उनका आरोप है कि अब करीब 56 बीघा भूमि पर क्रशर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत को जिस स्थान की भूमि दिखाई गई थी, वर्तमान में क्रशर वहां न लगाकर धरयार-नारग सड़क के समीप बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों की उपजाऊ भूमि, फलदार बगीचे, मंदिर, पेयजल स्रोत, प्रवाह योजना, चारागाह और गांव की सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका है। साथ ही क्रशर से निकलने वाले मलबे से सैकड़ों बीघा भूमि प्रभावित हो सकती है। पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष सुरेंद्र नेहरू ने कहा कि प्रस्तावित क्रशर को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। उनका आरोप है कि क्रशर लीज पर ली गई भूमि के बजाय ग्रामीणों की भूमि का अतिक्रमण कर दूसरे स्थान पर बनाया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में ग्रामीण प्रेमचंद शर्मा, अनिल कुमार, उपप्रधान उपेंद्र शर्मा, आदित्य दत्त, विनोद कुमार, प्रमोद कुमार, देवेंद्र शर्मा, राजकुमार नेहरू और स्पर्श शर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, एसडीएम पच्छाद डॉ. प्रियंका चंद्रा ने बताया कि बाग पशोग पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर उनसे मिला है। प्रशासन पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करेगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।-