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Sirmour News: छात्राओं से उत्पीड़न के विरोध में आवाज उठाने का किया आह्वान

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महाविद्यालय संगड़ाह में विशाखा गाइडलाइन पर विशेष जागरुकता सत्र का आयोजनप्राचार्य मीनू भास्कर ने लैंगिक भेदभाव, यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मुद्दों पर रखी बात
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संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह में आईक्यूएसी सेल के तत्वावधान में महिला शिकायत प्रकोष्ठ ने विशेष जागरुकता सत्र आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. मीनू भास्कर ने विशाखा गाइडलाइन विषय पर एक अत्यंत संवेदनशील और जागरुकतापूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अंबरा देवी के नेतृत्व में हुआ। डॉ. भास्कर ने अपने संबोधन में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव, यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे गंभीर मुद्दों पर कहा कि यह न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि उनकी शिक्षा और कार्यक्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
उन्होंने वर्ष 1997 में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दिए गए विशाखा बनाम राज्य राजस्थान के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए बताया कि यह गाइडलाइन महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रस्तुत करती है। डॉ. भास्कर ने इंटरनल कंप्लेंट कमेटी की अनिवार्यता उसकी संरचना और शिकायत निवारण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि कोई भी कार्यस्थल तब तक सुरक्षित नहीं कहा जा सकता जब तक वहां हर महिला स्वयं को सम्मानित, सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस न करे। उन्होंने सभी छात्राओं को उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने और संस्थागत सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। सत्र के दौरान छात्राओं ने भी अपने अनुभव, सवाल और विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रो. संदीप कुमार कनिष्क, प्रो. अजय, प्रो. मनोज, प्रो. विनोद, प्रो. पूनम, प्रो. पथिक, प्रो. ओमप्रकाश, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष सुभाष, कार्यालय सहायक राजीव शर्मा, लिपिक सुरेंद्र शर्मा, बलवंत व अनीता कुमारी आदि उपस्थित रहे।
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