स्वतंत्र गवाहों के मुकरने और पुलिस बयानों में विरोधाभास से अभियोजन का मामला संदिग्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। विशेष अदालत ने 234 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में आरोपी दीप चंद को संदेह का लाभ देते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के आरोप से बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के कब्जे से चरस बरामद होने की बात को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। आरोपी न्यायिक हिरासत में था, लिहाजा अदालत ने उसे किसी अन्य मामले में आवश्यकता न होने पर तत्काल रिहा करने के आदेश दिए।
मामला 15 जनवरी 2025 का है। पुलिस के अनुसार निहालगढ़ के पास गुप्त सूचना मिलने के बाद जाम्बुखाला रोड पर आरोपी को रोककर उसके कैरी बैग से 234 ग्राम चरस बरामद की गई थी। मामले में अभियोजन ने 15 गवाह पेश किए।
अदालत ने पाया कि बरामदगी के समय मौजूद बताए गए स्वतंत्र गवाहों ने पुलिस की कहानी का समर्थन नहीं किया। दोनों ने कहा कि उनके सामने आरोपी से कोई बरामदगी नहीं हुई। इसके अलावा पुलिस गवाहों के बयानों में पुलिस पार्टी के रूट, गुप्त सूचना मिलने के समय और घटनास्थल को लेकर विरोधाभास मिले। ई-साक्ष्य के एक प्रमाणपत्र में घटनास्थल अजौली दर्ज होना भी अदालत के लिए महत्वपूर्ण संदेह का आधार बना। अदालत ने कहा कि इन परिस्थितियों में अभियोजन की कहानी पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है।