-आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स ने उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में 26, 28 और 30 मई को होने वाले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों से पहले आंगनबाड़ी वर्कर्स और मिड-डे मील वर्कर्स ने चुनावी ड्यूटी को लेकर विरोध जताया है। नाहन में यूनियन पदाधिकारियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सिरमौर को मांग पत्र सौंपकर पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन तैयार करने के आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
शीला देवी, इंदिरा देवी व समेत अन्य आंगनबाड़ी व मिड डे मील कर्मियों ने बताया कि आंगनबाड़ी और मिड-डे मील योजनाओं में अधिकतर महिलाएं कार्यरत हैं। चुनावी ड्यूटी के दौरान देर रात तक पोलिंग पार्टियों के लिए खाना बनाना उनके लिए सुरक्षित और व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर महिलाओं को रात 10 से 11 बजे तक अकेले काम करना पड़ेगा, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ जाती हैं।
मांग पत्र में यूनियन ने केंद्र और राज्य सरकार की अधिसूचनाओं का हवाला देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से उनके मूल विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों का कार्य नहीं लिया जा सकता। साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले का भी उल्लेख किया गया, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चुनाव और अन्य गैर-विभागीय ड्यूटी से मुक्त रखने के निर्देश दिए गए थे।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशक की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मिड-डे मील वर्करों से भी अतिरिक्त कार्य नहीं करवाया जा सकता। इसके बावजूद चुनावों में भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी देना नियमों के विपरीत है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन और मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि चुनावों के दौरान भोजन बनाने से संबंधित जारी आदेशों को तुरंत निरस्त किया जाए, ताकि महिला कर्मचारियों को मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। संवाद