बाम्बल पंचायत के ऐतिहासिक फैसले, किन्नरों की मनमानी पर भी लगाया अंकुश
प्रधान अंजना देवी की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक में लिए कड़े निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई/रोनहाट (सिरमौर)। विकास खंड शिलाई की ग्राम पंचायत बाम्बल ने नशामुक्ति, सामाजिक सुधार और सुरक्षा को लेकर कई प्रस्ताव पारित किए हैं। प्रधान अंजना देवी (मंजू) की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में नशे की बिक्री पर रोक लगाने, बाहरी फेरीवालों के सत्यापन और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने संबंधी फैसले लिए गए।
ग्राम सभा ने पंचायत क्षेत्र में चरस, अफीम, चिट्टा और अवैध शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया। प्रधान की ओर से नशे की बिक्री की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को 20 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की गई है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई। वहीं, नशा बेचने के आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
शादी-ब्याह और अन्य शुभ अवसरों पर किन्नरों को दी जाने वाली राशि के संबंध में भी निर्णय लिया गया। इसके तहत पंचायत में 2,100 रुपये से अधिक राशि नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
पंचायत में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले फेरीवालों के लिए भी नियम तय किए गए हैं। अब उन्हें पहचान पत्र या आधार कार्ड दिखाना होगा और गांव में प्रवेश करने पर सबसे पहले प्रधान को सूचित करना होगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करने वाले बच्चों को प्रधान की ओर से पांच हजार रुपये देने की घोषणा की गई। बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट में 16वें वित्त आयोग के निर्देशों के अनुसार संशोधन और सामाजिक सुधार से जुड़े अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।