नाहन/हरिपुरधार/नौहराधार (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में हुई भारी बारिश ने सड़कों की हालत बिगाड़ कर रख दी है। जगह-जगह हो रहे भारी भूस्खलन के चलते सड़कें बार-बार बंद हो रही हैं। इससे वाहन चालकों व यात्रियों समेत लोक निर्माण विभाग को भी भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
वीरवार की रात नौहराधार इलाके के चौकर बाग के समीप एक भारी भरकम चट्टान अचानक सड़क पर आ गिरी।
गनीमत यह रही कि चट्टान खंभे से टकराकर सड़क पर ही धंस गई। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। चट्टान गिरने संगडाह नौहराधार सड़क पिछले 17 घंटे से बंद पड़ी है। सड़क के बंद होने से क्षेत्र का संपर्क जिला मुख्यालय व अन्य हिस्सों से पूरी तरह कट गया है।
इस बीच, चट्टान गिरने से बाग गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है। यदि चट्टान गिरने के बाद सड़क से बाहर जाती तो बाग गांव के कई मकान इसकी चपेट में आ सकते थे, जिससे गांव में भारी जान माल का नुकसान हो सकता था। वहां पर स्थिति ऐसी बनी हुई है कि यदि विभाग चट्टान को ब्लास्टिंग से उड़ाता भी है तो गांव को खतरा बना हुआ है। चट्टान इतनी बड़ी है कि इसे मशीन से भी नहीं हटाया सकता है। विभाग इसे धीरे धीरे तोड़ हटाने के काम में जुटा है। वाहन चालकों को मार्ग बंद होने के चलते मजबूरी में अतिरिक्त सफर तय कर वाया हरिपुरधार, नाहन व संगड़ाह पहुंचना पड़ रहा है।
वहीं, भारी बारिश के चलते दूसरे दिन भी क्षेत्र की 10 सड़कें बंद रहीं। लोक निर्माण विभाग ने छह सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया है। जबकि, चार संपर्क मार्ग अभी भी बंद हैं। क्षेत्र के मुख्य सोलन-मीनस मार्ग शुक्रवार को फिर से भट्यूडी के पास अवरुद्ध हो गया। इस सड़क के बंद होने से मार्ग इस मार्ग पर करीब छह घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रही। अधिशासी अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को क्षेत्र की 10 सड़के बंद हुई थी। उन्होंने बताया कि छह सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। जबकि, चार संपर्क मार्ग अभी बंद हैं। बाग गांव के पास चट्टान को तोड़ कर सड़क को पीछे से निकाला जा रहा है। मशीन व लेबर लगा दी गई है।
............
रेणुका क्षेत्र में एक मकान को नुकसान, तीन गोशालाएं ढहीं
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में बरसात से तीन पशुशालाओं और एक मकान को क्षति पहुंची है। राजस्व विभाग ने 78 हजार 500 रुपये का नुकसान आंका है। जानकारी के मुताबिक रमेश कुमार निवासी मौजा गनोग, पटवार सर्कल लवाली की पशुशाला बरसात के चलते ढह गई। इससे रमेश कुमार को 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, रजाना के मनसाराम की पशुशाला भी बरसात से ढह गई, जिसमें दस हजार का नुकसान आंका गया है। इसी तरह वीरेंद्र सिंह निवासी दोरणा बढ़ोल की पशुशाला ढहने से 8500 रुपये का नुकसान हुआ है। इसके साथ साथ संगड़ाह में एक पक्का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। इसमें मकान मालिक को करीब दस हजार रुपये का नुकसान हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बरसात से नुकसान होने की पुष्टि की है।